नयी दिल्ली, 17 सितंबर (वार्ता) राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने फास्टैग उपयोगकर्ताओं के लिए ‘राजमार्गयात्रा ऐप’ पर ‘वनटैग’ पोर्टेबिलिटी सुविधा शुरू की है जिसके तहत वाहन पर लगे मौजूदा फास्टैग को बदले बिना उसका जारीकर्ता बैंक बदला जा सकेगा। एनएचएआई ने गुरुवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि इस सुविधा के तहत उपयोगकर्ता ऐप पर वाहन पंजीकरण संख्या डालकर पात्रता की जांच कर सकेंगे और मौजूदा जारीकर्ता बैंक से मिले छह अंकों के मोबाइल सत्यापन कोड के जरिए प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इसके बाद नया जारीकर्ता बैंक चुनकर ग्राहक सत्यापन और वॉलेट की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
सफल पोर्टेबिलिटी के बाद वाहन के पंजीकरण नंबर से जुड़ी मौजूदा फास्टैग आईडी वही रहेगी और उपयोगकर्ता उसी भौतिक टैग से नए जारीकर्ता बैंक के माध्यम से टोल भुगतान कर सकेंगे। पुराना जारीकर्ता बैंक मौजूदा वॉलेट बंद कर उपलब्ध राशि लागू समायोजन के बाद वापस करेगा। फास्टैग को दोबारा पोर्ट करने के लिए छह महीने की अवधि निर्धारित की गयी है। एनएचएआई के अनुसार देश में 98 प्रतिशत से अधिक वाहनों पर फास्टैग की पहुंच है और इसके करीब 13 करोड़ उपयोगकर्ता हैं। ‘वनटैग’ से नया टैग बनाने, भेजने और दोबारा जारी करने की जरूरत कम होगी तथा उपयोगकर्ताओं को जारीकर्ता बैंक बदलने में अधिक सुविधा मिलेगी।

