उन्होंने एक्स पर साझा एक वीडियो में कहा कि छह सितंबर को सत्य निकेतन पीजी में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों समेत सात लोगों की मौत हुई थी। उन्होंने कहा कि हिंदू सनातन रीति-रिवाजों के अनुसार 18 सितंबर को मृतकों की तेरहवीं होनी है। उन्होंने दावा किया कि तेरहवीं तक सूतक का समय माना जाता है और ऐसी स्थिति में प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर हर्षोल्लास से कार्यक्रम आयोजित करना उचित नहीं है। उन्होंने देशवासियों और दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों से इस घटनाक्रम पर ध्यान देने की अपील की।
आप नेता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन के नाम पर जगह-जगह दीये जलाना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा हवन करना शोक के माहौल के विपरीत है। उन्होंने कहा कि छह सितंबर को सत्य निकेतन में सात बेकसूर लोगों की जान गयी थी, जिनमें 18-19 वर्ष के दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र भी शामिल थे। उन्होंने धार्मिक परंपराओं का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे समय में इस तरह का आयोजन करना शर्मनाक है।

