सतना:घरेलू गैस की समस्या के बीच अब पेट्रो पदार्थ की किल्लत की अफवाह ने जोर पकड़ लिया है। इसका असर यह है कि शहर से लेकर गांव तक पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई है। नतीजतन एक ओर जहां पेट्रोल पंपों पर डीजल-पेट्रोल की अनुपलब्धता के चलते पेट्रोल पंप बद हो गए। तो वहीं दूसरी ओर बड़े-बड़े गैलन लेकर लोग पेट्रोल पंप पर पहुंचने लगे।
शहर के एक पेट्रोल पंप पर गैलन लेकर पहुंचे व्यक्ति को पेट्रोल पंप कर्मियों ने जब डीजल भरना शुरू किया तो लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। पंप मालिक ने बताया कि वह उनके रेगुलर ग्राहक हैं। इस बात को लेकर उनकी बहस भी हुई। सूचना पाकर मौके पर पुलिस भी पहुंची और डिब्बा गैलन में तेल लेने पर रोक का कड़ाई से पालन करने की चेतावनी दी।
इसी कड़ी में प्रशासन द्वारा भी इस बात की सख्त चेतावनी दी गई कि यदि कोई भी पेट्रोल पंप गैलन या डिब्बा में डीजल-पेट्रोल देता पाया गया तो संबंधित व्यक्ति के साथ ही पेट्रोल पंप के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं बल्कि पेट्रोल पंपों पर लोगों की भीड़ की वजह से विवाद की स्थिति भी बनने लगी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पेट्रोल पंप पर पहले कतार लगी हुई थी. इसी दौरान कुछ लोगों के बीच लाइन में आगे-पीछे होने को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे बढ़ता गया. मौके पर मौजूद अन्य लोग तमाशबीन बने रहे, जबकि कुछ ने बीच-बचाव करने की कोशिश भी की. इतने विवाद के बावजूद मौके पर सुरक्षा के इंतजाम नजर नहीं आए. लिहाजा पेट्रोल पंपों पर उमड़ रही इस भीड़ को संभालना चुनौती बनता जा रहा है. कई जगहों पर कतारें लग रही हैं, जिससे लोगों में बेचैनी और जल्दबाजी बढ़ रही है.
फ्यूल सप्लाई पूरी तरह सामान्य
जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने पेट्रोल और डीजल की कमी की बात को सिरे से खारिज किया है. अधिकारियों का कहना है कि जिले में फ्यूल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और कहीं भी किसी तरह की कटौती नहीं की गई है. उन्होंने साफ किया कि अफवाहों के चलते लोग अनावश्यक रूप से ज्यादा मात्रा में पेट्रोल-डीजल लेने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे दबाव बन रहा है. इसके साथ ही प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पेट्रोल पंपों की स्टोरेज क्षमता आमतौर पर 2 से 3 दिनों की होती है और उसी हिसाब से सप्लाई चक्र चलता है. ऐसे में अचानक ज्यादा खपत होने से अस्थायी दबाव जरूर बन सकता है, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है
