नयी दिल्ली, 16 सितंबर (वार्ता) युवा कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की 15,012 शिक्षक पदों की रिक्तियों की घोषणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पांच वर्षों के इंतजार के बाद इतनी कम संख्या में पद जारी होने से प्रदेश के युवा अभ्यर्थियों में निराशा है। युवा कांग्रेस कहा कि बड़ी संख्या में युवा प्रयागराज और लखनऊ जैसे शहरों में वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और उनके परिवारों ने पढ़ाई तथा रहने पर अपनी बचत खर्च की है। संगठन का दावा है कि आयोग के गठन में देरी के कारण कई टेट और सीटेट अभ्यर्थी अधिकतम 40 वर्ष की आयु सीमा पार कर चुके हैं।
पेपर लीक की घटनाओं से अभ्यर्थियों का भरोसा भी प्रभावित हुआ है। संगठन ने सरकार से सभी वास्तविक रिक्त शिक्षक पदों को भरने के लिए अनुपूरक अधिसूचना जारी करने, तीन से पांच वर्ष की एकमुश्त आयु सीमा में छूट देने तथा आगामी परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने की मांग की। युवा कांग्रेस ने कहा कि पेपर लीक या अनियमितता की स्थिति में दोषियों के खिलाफ त्वरित आपराधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

