
शाजापुर, मुल्लाखेड़ी के प्राथमिक विद्यालय में अभी तक लोगों को यही पता था कि पत्नी की जगह पति पढ़ा रहे हैं. लेकिन इस मामले में एक और मामला उजागर हुआ कि पिछले दिनों कलेक्टर अचानक मुल्लाखेड़ी प्राथमिक स्कूल के निरीक्षण के लिए पहुंची थी. उस दौरान जिस बच्ची से कलेक्टर को मिलवाया गया था, वो उज्जैन में पढ़ती है और विद्यालय के शिक्षकों ने अपनी नौकरी बचाने के लिए बाहर की बच्ची को स्कूल की बच्ची बताकर कलेक्टर के सामने खड़ा कर दिया. इसके अलावा इस स्कूल में जो मदरसे के बच्चे हैं, उनका भी यहां दाखिला कराया गया है. अब सवाल यह उठता है कि जो बच्चे मदरसे में पढ़ रहे हैं, वो मुल्लाखेड़ी के प्राथमिक स्कूल में कैसे पढ़ रहे हैं.
गौरतलब है कि स्कूल शिक्षा विभाग इस कदर धृतराष्ट्र बना हुआ है कि जिले के कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान ही स्कूल की ही शिक्षिका ने अपनी नातिन को कलेक्टर के सामने खड़ा कर निरीक्षण करवा दिया और किसी को भनक तक नहीं लगी. इतना ही नहीं इसी स्कूल में मदरसे के बच्चों को भी पढ़ाया जा रहा है, जबकि ये बच्चे मदरसे में पहले ही दाखिला ले चुके हैं. याने कि जो बच्चे मदरसे में पढ़ रहे हैं, वो ही बच्चे मुल्लाखेड़ी के स्कूल में भी दाखिल हैं. इस मामले में डीपीसी राजेंद्र शिप्रे ने प्राथमिक विद्यालय की प्रधान अध्यापिका फरकुंदा बी को इस सभी अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के मामले में नोटिस दिया है. साथ ही पत्नी की जगह पति को पढ़ाने पर भी पत्नी शिक्षिका जासमिन बी को भी नोटिस जारी किया गया है.
इनका कहना है…
जो बच्चे मदरसे में पढ़ रहे थे, वो बच्चे भी मुल्लाखेड़ी के स्कूल में पढ़ते पाए गए. साथ ही कलेक्टर महोदय के निरीक्षण के दौरान जिस बच्ची से कलेक्टर को मिलवाया गया. इन दोनों ही मामलों में नोटिस जारी कर कार्यवाही की जा रही है. साथ ही पत्नी की जगह पति के द्वारा पढ़ाने के मामले में भी नोटिस जारी किया गया है.
– राजेंद्र शिपे्र, डीपीसी, स्कूल शिक्षा विभाग, शाजापुर
