नेशनल लोक अदालत में 1.72 लाख मामलों का समझौता, 964.99 करोड़ की राशि पर बनी सहमति

जबलपुर। मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 की तीसरी नेशनल लोक अदालत का आयोजन तहसील न्यायालयों से लेकर जिला न्यायालयों और जबलपुर, इंदौर व ग्वालियर स्थित हाईकोर्ट की पीठों तक किया गया। प्रदेशभर में 1427 खंडपीठों का गठन हुआ, जिनमें हाईकोर्ट के लिए 7 और जिला व तहसील स्तर पर 1420 खंडपीठ शामिल रहीं। जबलपुर स्थित हाईकोर्ट की प्रधान पीठ में लोक अदालत का शुभारंभ न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल, न्यायमूर्ति विशाल धगट और न्यायमूर्ति अवनीन्द्र कुमार सिंह की उपस्थिति में हुआ। आयोजन में बड़ी संख्या में पक्षकार और अधिवक्ता शामिल हुए तथा आपसी सहमति से विवादों के निराकरण की प्रक्रिया चली। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार 61,580 लंबित और 1,10,771 प्री-लिटिगेशन मामलों, यानी कुल 1,72,351 मामलों का समझौते से निराकरण हुआ। इन मामलों में करीब 964 करोड़ 99 लाख 25 हजार 400 रुपये की समझौता राशि रही। नेशनल लोक अदालत का आयोजन मुख्य न्यायाधिपति एवं मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति अल्पेश वाई. कोगजे के नेतृत्व तथा कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति विवेक रूसिया के मार्गदर्शन में हुआ। अधिकारियों के अनुसार अंतिम आंकड़े आने के बाद निराकृत मामलों की संख्या और बढ़ सकती है।

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जिला न्यायालय की नेशनल लोक अदालत में 10,264 प्रकरण निराकृत

Sat Sep 12 , 2026
जबलपुर। 12 सितंबर को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्णमूर्ति मिश्र के मार्गदर्शन में आयोजित नेशनल लोक अदालत में कुल 10,264 प्रकरणों का निराकरण हुआ। इनमें न्यायालयों में लंबित 3,480 और प्रीलिटिगेशन के 6,784 प्रकरण शामिल रहे। कुल 77 खंडपीठों के माध्यम से हुए निराकरण में ₹65,67,64,222 की राशि के […]

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