
जबलपुर। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शासकीय बाल गृह, गोकलपुर में देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए मुस्कान एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में बच्चों को बाल-अनुकूल और सुरक्षित माहौल में विभिन्न रचनात्मक एवं मनोरंजक गतिविधियों से जोड़ा गया। बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लेते हुए अपनी रुचियों, भावनाओं, इच्छाओं और भविष्य को लेकर अपनी बातें खुलकर साझा कीं। इससे उनके आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सामाजिक-भावनात्मक विकास को प्रोत्साहन मिला। कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन संगीता श्रीवास्तव और सोनाली श्रीवास्तव ने बच्चों के साथ संवाद कर उनकी व्यक्तिगत परिस्थितियों और जरूरतों को समझा तथा काउंसलिंग और मार्गदर्शन दिया। बच्चों को उनके अधिकारों, उपलब्ध सुविधाओं और जरूरत पड़ने पर विधिक सहायता एवं विधिक सेवाओं की जानकारी भी बाल-अनुकूल तरीके से दी गई। कार्यशाला का उद्देश्य केवल कानूनी जागरूकता तक सीमित न रखते हुए बच्चों में तार्किक चिंतन, निर्णय लेने की क्षमता, आत्मविश्वास और भावनात्मक विकास को बढ़ावा देना रहा।
फॉलोअप योजना भी तैयार हुई
यह पहल नालसा बच्चों के लिए बाल-अनुकूल कानूनी सेवाएं योजना, 2024 और नालसा शिक्षा योजना, 2026 के अनुरूप की गई। खास बात यह रही कि प्रत्येक बच्चे के लिए व्यक्तिगत फॉलो-अप योजना भी तैयार की गई, ताकि कार्यशाला के बाद भी उनकी जरूरतों और विकास पर ध्यान दिया जा सके। अवसर पर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव सुमन श्रीवास्तव, अतिरिक्त सचिव अरविन्द श्रीवास्तव, उप सचिव अनिरुद्ध जैन, जिला विधिक सहायता अधिकारी प्रदीप सिंह ठाकुर, दिग्विजय सिंह एवं जीतेन्द्र मोहन धुर्वे उपस्थित रहे।
