नई दिल्ली। भारत मंडपम में BRICS Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात ने वैश्विक राजनीति का ध्यान खींचा है। गलवान संघर्ष के बाद भारत-चीन रिश्तों में आई तल्खी के बीच यह मुलाकात दोनों देशों के संबंधों के लिए कितनी अहम है? क्या इससे रिश्तों में नई शुरुआत का रास्ता खुल सकता है?
वहीं, प्रधानमंत्री मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात भी भारत की रणनीतिक प्राथमिकताओं को रेखांकित करती है। इस बीच BRICS के 11 सदस्य देशों ने ‘न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन 2026’ को सर्वसम्मति से मंजूर किया है, जिसमें पश्चिम एशिया के युद्ध, व्यापार पर एकतरफा प्रतिबंध, आतंकवाद, AI और वैश्विक संस्थाओं में सुधार जैसे मुद्दों पर साझा रुख सामने आया है।
