
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2025: कनाडा में भारत के नए राजदूत दिनेश पटनायक ने पदभार संभालने के बाद खालिस्तान से जुड़े मुद्दों पर भारत का पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने साफ कहा कि कनाडा में खालिस्तान से जुड़ा खतरा भारत की नहीं, बल्कि पूरी तरह से ओटावा की घरेलू जिम्मेदारी है। राजदूत पटनायक ने कहा कि यह समस्या कुछ कनाडाई नागरिकों द्वारा खड़ी की जा रही है, और कनाडा इस स्थिति को भारत की समस्या के रूप में नहीं देख सकता, इसे उन्हें अपने कानून-व्यवस्था प्रणाली के तहत ही संभालना होगा।
राजदूत पटनायक ने खालिस्तान समर्थक चरमपंथी समूहों की गतिविधियों की ओर इशारा करते हुए अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि उन्हें कनाडा में चरमपंथियों से खतरे के कारण सुरक्षा घेरे में रखा गया है। उन्होंने इसे अजीब स्थिति बताते हुए कहा कि किसी देश में भारत का हाई कमिश्नर सुरक्षा घेरे में रह रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को लेकर गंभीर बातचीत हो रही है, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई जैसे आपराधिक नेटवर्क पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
राजदूत पटनायक ने भारत-कनाडा रिश्तों में सुधार की दिशा में कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भूमिका को अहम बताया। उन्होंने कहा कि हालाँकि रिश्तों में सुधार होना ही था, लेकिन कार्नी की लीडरशिप ने इस प्रक्रिया को तेज़ कर दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आप दो बड़े लोकतांत्रिक देशों को लंबे समय तक अलग नहीं रख सकते। राजदूत ने यह भी जोड़ा कि डोनाल्ड ट्रंप ने भी एक भूमिका निभाई, लेकिन मौजूदा रिश्तों को पटरी पर लाने में कार्नी की भूमिका निर्णायक रही है।
