पुतिन की लग्जरी कार या चलता-फिरता किला? जिनपिंग की कार भी कम नहीं ! क्या है PM मोदी की Car Diplomacy?

नई दिल्ली। मोदी और पुतिन एक ही कार में… तस्वीर सामने आते ही चर्चा शुरू हो गई उस कार की, जिसमें बैठे थे दुनिया के दो बड़े नेता।
दिल्ली में BRICS समिट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ये तस्वीर खूब सुर्खियों में है। दोनों नेता द्विपक्षीय मुलाकात के बाद एक ही कार में सवार होकर INNOPROM प्रदर्शनी के लिए रवाना हुए। सफर करीब 5 मिनट का था… लेकिन जिस कार में दोनों बैठे, वो कोई आम कार नहीं थी। ये है रूस के राष्ट्रपति पुतिन की खास Aurus Senat—एक बख्तरबंद प्रेसिडेंशियल लिमोजिन, जिसे खास तौर पर सुरक्षा और हाई-लेवल प्रोटोकॉल को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
करीब 6.7 मीटर लंबी और 7.2 टन वजनी इस कार को बुलेट और ब्लास्ट से सुरक्षा के लिए तैयार किया गया है। इसके एक दरवाजे का वजन करीब 900 किलो तक बताया जाता है, जिसे हाइड्रोलिक सिस्टम की मदद से खोला जाता है। और इतनी भारी कार की रफ्तार भी कम नहीं—इसकी टॉप स्पीड करीब 250 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जाती है। लेकिन Aurus Senat की असली खासियत इसकी स्पीड नहीं, बल्कि इसकी सुरक्षा है। बुलेट-रेजिस्टेंट ग्लास, रन-फ्लैट टायर, मजबूत फ्यूल टैंक और अंडरबॉडी ब्लास्ट प्रोटेक्शन जैसी व्यवस्थाएं इसे आम लग्जरी कारों से बिल्कुल अलग बनाती हैं।
और पुतिन की सुरक्षा सिर्फ इसी कार तक सीमित नहीं रहती। जब वो किसी दूसरे देश के दौरे पर जाते हैं, तो उनका खास कार काफिला सुरक्षा कारणों से पहले ही उस देश में पहुंचा दिया जाता है। यानी पुतिन के पहुंचने से पहले ही उनकी सुरक्षा व्यवस्था और वाहन वहां तैयार रहते हैं।
इस काफिले में राष्ट्रपति की मुख्य लिमोजिन के अलावा एस्कॉर्ट और सुरक्षा के लिए दूसरी विशेष गाड़ियां भी शामिल रहती हैं।
अब बात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की कार की भी कर लेते हैं। शी के लिए Hongqi N701 का इस्तेमाल किया जाता है। ये भी चीन की खास प्रेसिडेंशियल लिमोजिन है, जिसमें मजबूत आर्मर और सुरक्षित कम्युनिकेशन सिस्टम जैसी सुविधाएं शामिल बताई जाती हैं।
यानी पुतिन की Aurus Senat हो या शी जिनपिंग की Hongqi N701—दोनों देशों के लिए प्रेसिडेंशियल कार सिर्फ आने-जाने का साधन नहीं, बल्कि सुरक्षा और ताकत का भी प्रतीक है।
अब सबसे दिलचस्प हिस्सा… मोदी-पुतिन की कार डिप्लोमेसी
दोनों नेता इससे पहले भी कई मौकों पर एक ही कार में साथ सफर कर चुके हैं। कूटनीति में इसे ‘कार डिप्लोमेसी’ कहा जाता है
यानी मोदी-पुतिन की ये कुछ मिनटों की कार राइड सिर्फ एक तस्वीर नहीं… इसमें पुतिन की हाई-सिक्योरिटी Aurus Senat, रूस की सुरक्षा व्यवस्था और भारत-रूस रिश्तों की वो नजदीकी—तीनों एक साथ नजर आ रहे हैं।

.....

Next Post

शौचालय भवन के लिए महीने से इंतजार शाउमावि नौडिहवा-खैड़ार का मामला,सांसद के निर्देश भी बेअसर

Sat Sep 12 , 2026
चितरंगी । सरकारी स्कूलों में स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं को लेकर भले ही बड़े-बड़े दावे किए जाते हों, लेकिन नौडिहवा-खैड़ार का शाउमावि इन दावों की जमीनी हकीकत सामने रख रहा है। हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्तर के इस विद्यालय में सैकड़ों विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं […]

You May Like