
नयी दिल्ली, 12 सितंबर (वार्ता) कांग्रेस के विदेश मामलों के विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर भारत से रणनीतिक नेतृत्व की अपील की है।
कांग्रेस ने शनिवार को जारी आधिकारिक बयान में ब्रिक्स को ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया। पार्टी ने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों, आर्थिक दबावों और आपूर्ति श्रृंखला की कमजोरियों के बीच ब्रिक्स को अधिक न्यायसंगत और संतुलित विश्व व्यवस्था के निर्माण की दिशा में काम करना चाहिए।
कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को ब्रिक्स में नैतिक नेतृत्व और राष्ट्रीय हितों के बीच संतुलन कायम करना चाहिए। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस रुख का स्वागत किया, जिसमें उन्होंने ब्रिक्स के बीच एकजुटता को जरूरी बताया, लेकिन कहा कि इसे ठोस कूटनीतिक कदमों के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार को ब्रिक्स सदस्य ईरान पर हुए कथित हमलों को लेकर अधिक प्रभावी कूटनीतिक भूमिका निभानी चाहिए और दक्षिण अफ्रीका जैसे सदस्य देशों के साथ एकजुटता दिखानी चाहिए। बयान में ब्रिक्स के साथ भारत के व्यापार असंतुलन पर भी चिंता जताई गई। कांग्रेस ने ब्रिक्स भुगतान प्रणाली, भारतीय वस्तुओं और सेवाओं के लिए बेहतर बाजार पहुंच और व्यापार बाधाओं को दूर करने की मांग की।
- पार्टी ने ब्रिक्स नया विकास बैंक और आकस्मिक मुद्रा भंडार व्यवस्था को मजबूत करने और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए समर्थन जुटाने की भी अपील की।
