
गुना। ब्याजखोरी और सूदखोरी के लिए पहचाने जाने वाले क्षेत्र मारकी महू से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ सूदखोर के मानसिक उत्पीड़न और पुलिस की कथित निष्क्रियता से तंग आकर एक गरीब युवक ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपनी आपबीती सुनाता नजर आ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि सिरसी थाना पुलिस समय रहते उचित कदम उठाती, तो आज 38 वर्षीय मनोज राठौर जीवित होता।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तिलवाड़ा निवासी मनोज राठौर (38 वर्ष) ने लगभग दो साल पहले अपनी 960 ग्राम चांदी की रकम गांव के ही डॉक्टर दारा सिंह धाकड़ के पास 20,000 में गिरवी रखी थी। मनोज ने एक वर्ष पूर्व ही डॉ. दारा सिंह को ब्याज सहित कुल 25,000 चुका दिए थे। रुपये वापस मिलने के बाद भी डॉक्टर दारा सिंह धाकड़ द्वारा मनोज की गिरवी रखी चांदी नहीं लौटाई गई। जब भी मनोज अपनी रकम मांगने जाता, उसे रोज नए बहाने बनाकर टाल दिया जाता था। एक साल तक लगातार चक्कर काटने के बाद भी जब चांदी वापस नहीं मिली, तो पीड़ित मनोज ने 18 जुलाई 2026 को सिरसी थाने में एक लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई थी।
जहर खाकर अस्पताल पहुँचा पीड़ित, इलाज के दौरान मौत
थाने में आवेदन देने के बाद भी जब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो सूदखोर के हौसले और बढ़ गए। इस उपेक्षा से पूरी तरह हताश होकर मनोज राठौर ने 1 अगस्त 2026 को जहर खा लिया। गंभीर स्थिति में उसे मारकी महू अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मनोज राठौर ने दम तोड़ दिया।
थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर गहराया विवाद
घटना के बाद सिरसी थाना पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायत मिलने के 13 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस का हाथ पर हाथ धरे बैठे रहना जांच के दायरे में है। जब इस संबंध में सिरसी थाना प्रभारी से बात की गई, तो उनका कहना था कि दोनों पक्षों ने थाने आकर मौखिक रूप से राजीनामा कर लिया था, जिस कारण आगे की विधिक कार्रवाई नहीं की गई। हालाँकि, स्थानीय लोगों में पुलिस के इस तर्क को लेकर भारी आक्रोश है। सिरसी थाना प्रभारी पूर्व में बमोरी क्षेत्र में भी पदस्थ रहे हैं, जहाँ उन पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। बमोरी क्षेत्र की यह लगातार तीसरी ऐसी घटना बताई जा रही है, जहाँ पीड़ित द्वारा थाने में आवेदन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई और अंततः थक-हारकर पीड़ित को आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाना पड़ा। फिलहाल, युवक की मौत और वायरल वीडियो के बाद क्षेत्र में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी जनाक्रोश व्याप्त है और उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
