
इंदौर. अमृत योजना के तहत घर-घर नर्मदा जल पहुंचाने के उद्देश्य से नर्मदा लाइन बिछाकर नल कनेक्शन तो लगा दिए गए, लेकिन आज भी शहर के ऐसे कई क्षेत्र हैं, जहां नर्मदा जल की सप्लाई शुरू नहीं की गई है. रहवासी या तो मोहल्लों में लगे सरकारी बोरिंग पर निर्भर हैं या फिर आसपास के क्षेत्र पानी ढोकर लाते हैं और गुजारा कर रहे हैं.
शहर में अमृत योजना के तहत घर-घर नर्मदा जल पहुंचाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन मालवा मिल क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 46 में इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है. मालवा मिल चौराहा मस्जिद के पीछे स्थित इस बाराह काजी की चाल बस्ती में करीब 100 परिवार वर्षों से पानी की समस्या झेल रहे हैं. कभी यहां के रहवासियों को दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी लाना पड़ता था, बाद में सरकारी बोरिंग होने से कुछ राहत मिली, लेकिन बोरिंग खराब होते ही पूरी बस्ती में पानी के लिए हाहाकार मच जाता है. गर्मियों में समस्या और गंभीर हो जाती है. पानी की समस्या दूर करने के लिए रहवासियों ने कई बार आवेदन दिए, इसके बाद क्षेत्र में पक्की सड़क के साथ नर्मदा लाइन बिछाकर घरों तक नल कनेक्शन भी दिए गए, जिससे लोगों को उम्मीद जागी थी कि अब वर्षों पुरानी पानी की समस्या खत्म हो जाएगी, लेकिन नगर निगम द्वारा बिछाई गई लाइन को अब तक मुख्य नर्मदा लाइन से जोड़ा ही नहीं गया. इस लाइन को क्यों नहीं जोड़ा जा रहा, यह कोई बताने को तैयार नहीं.
यह बोले रहवासी…
प्रत्येक घर नर्मदा कनेक्शन चाहिए, क्योंकि क्षेत्र में वर्षों पुराना इकलौता बोरिंग खराब होने पर निजी टैंकर बुलवाना पड़ते हैं या फिर आसपास के क्षेत्र में जाकर पानी लाना पड़ता है.
– शाहरुख खान
नर्मदा के पानी को लेकर अभी क्षेत्र में कोई सुविधा नहीं आई है. कनेक्शन तो दिए हैं, अब नगर निगम को जल्दी से लाइन से जोड़कर पानी की सुविधा देनी चाहिए.
– मोहम्मद सोहेल
दस वर्ष पहले लाइन डाली गई थी, फिर कुछ महीने पहले रोड बनाया गया, तब कनेक्शन दिए गए. जब से लेकर अब तक मुख्य लाइन से इसे जोड़ा ही नहीं गया.
– मोहम्मद अहमद
तीन इंच की मुख्य लाइन को हमने बड़ा करवाया है. एक बेल्ट में सप्लाई चल रही है. प्रेशर बढ़ने के बाद दूसरे बेल्ट में जल्दी लाइन जोड़कर सप्लाई की समस्या का निराकरण किया जाएगा.
– सेफू कुशवाह, पार्षद
