पिथौरागढ़, 12 सितंबर (वार्ता) उत्तराखंड के सीमांत पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश के कारण धारचूला-तवाघाट मार्ग पर स्थित कुलागाड़ पुल एक बार फिर ध्वस्त हो गया है। पुल टूटने से कैलाश मानसरोवर मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है और चीन सीमा से संपर्क प्रभावित हुआ है। मौके पर झीलनुमा पानी एकत्रित होने की आशंका से आसपास के क्षेत्रों में खतरा बढ़ गया है।
धारचूला पुलिस के अनुसार शुक्रवार रात को ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कैलाश मानसरोवर मार्ग पर कुलागाड़ पुल के ध्वस्त होने के कारण धारचूला-तवाघाट-गुंजी मार्ग पूर्णतः बंद हो गया है। व्यास घाटी का संपर्क कट गया है। पुलिस ने वाहन चालकों से इस मार्ग पर आवागमन नहीं करने की अपील की है।
पुलिस के अनुसार काली नदी के मुहाने पर रात को कुछ मलबा जमा होने से झीलनुमा पानी एकत्र हो गया था। इसलिए कोतवाली धारचूला ने काली नदी के तटवर्ती और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों एवं आमजन को विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। पुलिस ने लोगों से नदी, नालों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास नहीं जाने और अनावश्यक रूप से कुलागाड़ पुल के आसपास नहीं पहुंचने की अपील की है।
उप जिलाधिकारी धारचूला आशीष जोशी ने बताया कि रात को भारी बारिश के कारण कुलागाड़ वैली ब्रिज फिर बह गया है। उन्होंने कहा कि बहाव इतना तेज था कि लोहे का पुराना और नया पुल मौके से गायब हो गए हैं।
उन्होंने झील बनने की आशंका को खारिज करते हुए कहा कि अब कोई खतरा नहीं है। प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम मौके पर पहुंच रही है और जल्द से जल्द सड़क संपर्क बहाल करने का प्रयास किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कुछ समय पहले भी अतिवृष्टि के चलते पिछले महीने के अंत में कुलागाड़ पुल पर भारी बोल्डर गिरने से पुल ध्वस्त हो गया था। बीआरओ ने इसके बाद मौके पर नया वैली ब्रिज तैयार कर सड़क संपर्क बहाल किया था।
