नई दिल्ली | 13 मार्च, 2026: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के पांचवें दिन लोकसभा में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और भारत में एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की कथित किल्लत का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। विपक्ष ने होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक मार्ग बाधित होने के कारण देश की ऊर्जा सुरक्षा पर गहराती चिंताओं पर चर्चा की मांग की। विपक्षी सदस्यों के भारी शोर-शराबे और नारेबाजी के चलते सदन की गरिमा प्रभावित हुई, जिसके परिणामस्वरूप लोकसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने सरकार से इस वैश्विक संकट पर चर्चा के लिए तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाने की अपील की है। उन्होंने सदन के बाहर संवाददाताओं से चर्चा करते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी के संसद में दिए बयान का समर्थन किया और कहा कि रसोई गैस की कमी एक राष्ट्रीय मुद्दा है, जिस पर केंद्र को जनता को भरोसे में लेना चाहिए। सुखदेव भगत ने सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि गुरुवार को जब राहुल गांधी इस महत्वपूर्ण विषय पर बोल रहे थे, तब उनका माइक बंद कर दिया गया था, जिसे विपक्ष ने लोकतंत्र की आवाज दबाने वाला कदम बताया है।
विपक्षी हमलों के बीच सरकारी सूत्रों का कहना है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह सुरक्षित है और आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, विपक्ष इस मुद्दे पर झुकने को तैयार नहीं है और उसका दावा है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के कारण घरेलू बाजारों में गैस और पेट्रोल की उपलब्धता प्रभावित हो रही है। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी विपक्ष के तेवर कड़े रहने के आसार हैं। सदन में गतिरोध बना हुआ है क्योंकि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच ऊर्जा नीति और माइक बंद करने के आरोपों को लेकर तीखी नोकझोंक जारी है।

