महिलाओं ने आबकारी टीम को घेरा

सिंगरौली । सरई क्षेत्र में शराब की कथित अवैध पैकारी ने अब गांवों की चौखट लांघकर सड़क तक आक्रोश पहुंचा दिया है। अवैध शराब की बिक्री पर कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीण महिलाओं और पुरुषों ने आबकारी विभाग की टीम को ही घेर लिया। विरोध के दौरान आबकारी अमले के वाहन को रोक दिया गया।

ग्रामीणों का गुस्सा इस बात को लेकर था कि शिकायतों के बावजूद अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी अंकुश क्यों नहीं लगाया जा रहा। ग्रामीणों ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरई शराब दुकान से जुड़े लोगों द्वारा आसपास के गांवों में कथित तौर पर पैकारी कराई जा रही है। आरोप है कि अवैध कारोबार करने वालों पर कार्रवाई के बजाय उन्हें संरक्षण मिल रहा है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आबकारी कर्मचारियों पर कथित रूप से 5 हजार रुपये प्रतिमाह लिए जाने तक के आरोप लगाए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में ग्रामीण आबकारी टीम को घेरकर विरोध करते दिखाई दे रहे हैं। नवभारत वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल जरूर खड़ा हो गया है कि आखिर सरई क्षेत्र में अवैध शराब और पैकारी को लेकर लोगों का आक्रोश इस स्तर तक क्यों पहुंचा। जिले के ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब की बिक्री और पैकारी की शिकायतें लगातार सामने आना आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

सागर की घटना से भी सबक नही ले रहा आबकारी

सरई क्षेत्र में शराब कारोबार को लेकर पहले भी विवाद और तनाव की स्थिति बनने की बात सामने आती रही है। सबसे बड़ा सवाल अब आबकारी विभाग से है, जब ग्रामीण खुले तौर पर अवैध पैकारी की शिकायत कर रहे हैं तो विभाग ने अब तक कितनी कार्रवाई की, कितने प्रकरण दर्ज किए गए और कितने अवैध कारोबारियों पर शिकंजा कसा गया। सागर में सामने आई घटना जैसी स्थिति सिंगरौली में पैदा होने से पहले प्रशासन को चेतना होगा। यदि आज की शिकायतों को नजरअंदाज किया गया और कल कोई बड़ी घटना हुई तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, अब गेंद आबकारी विभाग और जिला प्रशासन के पाले में है।

माड़ा इलाके में एक महीने पहले हो चुका है खून-खराबा

जिले में पैकारी एवं अवैध शराब बिक्री को लेकर अक्सर विवाद भी हो रहे हैं। करीब एक महीना पूर्व माड़ा में शराब कारोबारियों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। जिसको लेकर शराब कारोबारियों के साथ-साथ जिला आबकारी विभाग की भी जमकर किरकिरी हुई। हालांकि आबकारी विभाग पर इन सब बातो का असर नही पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि आबकारी एवं पुलिस के संरक्षण में जगह-जगह पैकारी एवं अवैध शराब की बिक्री की जा रही है। इस तरह की अवैध शराब पहले कभी नही बीक रही थी। माड़ा इलाके में फिर से पैकारी और अवैध शराब बिक्री को लेकर विवाद बढ़ रहा है। इस विवाद को रोकने के लिए अभी तक आबकारी एवं प्रशासन के द्वारा कोई ठोस प्रयास नही किया जा रहा है। लिहाजा यह मामला अब धीरे-धीरे तूल पकड़ रहा है।

Next Post

बकाया करों के अधिभार पर 25 से 100 प्रतिशत तक मिलेगी छूट

Fri Sep 11 , 2026
सिंगरौली । नपानि सिंगरौली द्वारा 12 सितम्बर को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के अवसर पर शहर के करदाताओं को बकाया करों के अधिभार सरचार्ज में विशेष छूट का लाभ दिया जाएगा। ननि द्वारा नागरिकों को अपने वर्षों से लंबित बकाया करों का निपटारा करने के लिए यह विशेष […]

You May Like