
सिंगरौली । एनसीएल परियोजना दुद्धिचुआ में विस्थापितो को रोजगार दिलाने समेत अन्य मांगो को लेकर युकां के पदाधिकारी एवं कुछ विस्थापितो को लेकर ओबी कंपनी में धाबा बोल दिया, जहां आरोप है कि सीएमपीएल ओबी कंपनी के निजी सुरक्षा कर्मियों के साथ धक्कामुक्कर एवं मारपीट शामिल की गई। इस घटना में महिला सुरक्षा कर्मियों को हल्कीफुल्की चोटे भी आई हैं। वहीं उक्त घटनाक्रम को लेकर मोरवा पुलिस की लुंजपुंज सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किये जा रहे हैं।
दरअसल युकां के पदाधिकारी एवं कुछ विस्थापित परिवार आज कैलिबर चड्डा कंपनी के खिलाफ बेमियादी धरना शुरू किया है। बताया जाता है कि कंपनी ने अपने खदान क्षेत्र में बैरियर भी बना रखा था, जहां पहले बैरियर को दर्जन भर कांग्रेसियों ने पार करते हुये खदान के पास पहुंच गये। इस दौरान पुलिस तमाशबीन बनी रही। इसी दौरान बैरियर पर तैनात निजी महिला एवं पुरूष सुरक्षा कर्मियों के साथ युवकांइयों ने धक्कामुक्की कर मारपीट भी किये। आरोप है कि यदि पुलिस बल पर्याप्त संख्या में होती तो यह स्थिति न बनती। लेकिन कहीं न कहीं यहां की पुलिस कमजोर नजर आ रही थी। इसके पीछे कारण क्या है, यह तो मोरवा थाने के प्रभारी बताएंगे, लेकिन यह भी चर्चा है कंपनी पर दबाव बनाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। दोपहर से ही धरनाइयों को मनाने में तहसीलदार सविता यादव एवं एसडीओपी रोशनी कुर्मी एवं अन्य पुलिस अधिकारी लगे हुये थे। परंतु समाचार लिखे जाने तक धरना जारी था। उधर कंपनी में कार्यरत निजी सुरक्षा कर्मियों का आरोप है कि धरनाइयों ने दुर्व्यवहार किया है। कंपनी पर दबाव बनाने के लिए हत्थकंडे अपनाएं जा रहे हैं। फिलहाल यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
