सप्तशती पाठ-आरती के साथ शुरू हुई गुप्त नवरात्रि, व्यापार बैंकिंग, टेक्नोलॉजी और शुभ कार्यों का श्रेष्ठ मुहूर्त

इंदौर। बुधवार से आषाढ़ी अमावस्या पर गुप्त नवरात्रि की शुरुआत हुई। शहर के विभिन्न माता मंदिरो में सप्तशती पाठ, शतचंडी यज्ञ, विशेष अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, आरती और महाप्रसादी का आयोजन किया गया। बिजासन मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर, हरसिद्धि मंदिर और कालका माता मंदिर में साधक आठ दिन का व्रत कर देवी को प्रसन्न करने के लिए विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। शहर के अन्य माता मंदिरों में भी दुर्गा सप्तशति के पाठ के साथ अन्य आयोजन शुरू हुए। सभी माता मंदिरो में शाम को भक्तो की भीड़ दर्शन करने के लिए पहुंची। पंडित सुनील शुक्ला ने बताया कि गुप्त नवरात्रि पुष्य नक्षत्र, हर्षल योग, कर्क राशि के चंद्रमा और गजकेसरी योग जैसे शुभ संयोग में प्रारंभ हुई है, जिससे इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बढ़ गया है। नवरात्रि 22 जुलाई तक रहेगी। इस बार गुप्त नवरात्रि के दौरान दो सर्वार्थ सिद्धि योग और तीन रवि योग बन रहे हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इन शुभ योगों में नए कार्य शुरू करना, व्यापार विस्तार, बैंकिंग, टेक्नोलॉजी और अन्य शुभ कार्य करना लाभकारी माना जाता है। 22 जुलाई को समापन के दिन भड्डली नवमी भी रहेगी, जिसे अबूझ मुहूर्त माना जाता है।

बिजासन मंदिर में नाम जप शुरू

बिजासन माता मंदिर में गुप्त नवरात्रि पर एक हजार नाम जप शुरू हुए। प्रतिदिन माता जी का विशेष श्रृंगार होगा। पुजारी रतन गोस्वामी ने बताया कि एक दिन हल्दी श्रृंगार, एक दिन कुमकुम श्रृंगार, एक दिन कमलगट्टे जैसी अन्य चीजों से आठ दिन विशेष श्रृंगार किया जाएगा। छप्पन भोग और विशेष आरती भी होगी। पुजारी रतन गोस्वामी के मुताबिक बिजासन माता में नवरात्री पर दर्शन के लिए 50 से 60 हजार भक्तो के पहुंचने की उम्मीद है।

अन्नपूर्णा मंदिर: शिखर पर ध्वजारोहण के साथ आयोजन

प्रसिद्ध अन्नपूर्णा माता मंदिर में गुप्त नवरात्रि के प्रथम दिन भक्तो द्वारा विशेष अनुष्ठान किए गए। पहले दिन शिखर पर ध्वजारोहण के साथ आयोजन शुरू हुआ। मुख्य पुजारी शालीग्राम शास्त्री ने बताया कि साल में चार नवरात्रि आती है, लेकिन गुप्त नवरात्रि का महत्व सबसे अधिक है। प्रथम दिन घटस्थापना, ग्रहो की पूजा और विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे। इस बार गुप्त नवरात्रि आठ दिन है इसलिए माता का क्रमशः आठ रूपों में श्रृंगार होगा।

कालका माता मंदिर: शतचंडी यज्ञ व प्रतिदिन महाप्रसादी

विजय नगर चौराहा स्थित कालका माता मंदिर में गुप्त नवरात्रि के दौरान शतचंडी यज्ञ का आयोजन हुआ। यहां प्रतिदिन माताजी का विशेष श्रृंगार और शाम को महाआरती के साथ अन्नक्षेत्र में महाप्रसादी का आयोजन किया गया है। पुजारी कैलाश यादव ने बताया कि गुप्त नवरात्रि पर हवन, पूजन, माता की आराधना और विशेष यज्ञ का आयोजन किए जाएंगे।

हरसिद्धि मंदिर: हवन व विशेष अनुष्ठान से लाभ

हरसिद्धि मंदिर में विशेष श्रृंगार, छप्पन भोग, यज्ञ, विशेष अनुष्ठान और महाप्रसादी का आयोजन रखा गया। पंडित सुनील शुक्ला ने बताया कि गुप्त नवरात्रि के दौरान तंत्र विद्या का महत्व अधिक होता है। हवन व विशेष अनुष्ठान से करने से लोगों को लाभ मिलता है।

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