
नीमच। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) कॉलोनी में गुरुवार शाम उस समय हडक़ंप मच गया, जब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने सीबीएन अधिकारी सिद्धार्थ श्रीवास्तव के सरकारी आवास पर अचानक छापेमारी की। कार्रवाई नशीली दवाओं की जब्ती से जुड़े एक मामले में कथित 30 से 50 लाख रुपए के रिश्वत लेन-देन की जांच के सिलसिले में बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार सीबीआई को ऑनलाइन माध्यम से हुए कुछ संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जानकारी मिली थी। इसी इनपुट के आधार पर टीम गुरुवार शाम सीबीएन कॉलोनी स्थित अधिकारी के सरकारी आवास पर पहुंची। इसके बाद घर की तलाशी शुरू की गई, जो देर रात तक चलती रही।
सीधे खाते में नहीं पहुंची रकम, रिश्तेदार के खाते की भी जांच
जांच के दौरान कथित तौर पर यह बात सामने आई कि संबंधित रकम सीधे अधिकारी के बैंक खाते में ट्रांसफर नहीं की गई, बल्कि किसी करीबी रिश्तेदार के खाते में ऑनलाइन भेजे जाने की बात सामने आई है। सीबीआई टीम बैंक ट्रांजैक्शन, यूपीआई सहित अन्य डिजिटल भुगतान रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
तलाशी के दौरान पुराने प्रकरणों से संबंधित फाइलें, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जांच टीम द्वारा अपने कब्जे में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इनकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
रातभर कार्रवाई, सुबह कराया मेडिकल
देर रात तक चली कार्रवाई के बाद सीबीआई टीम अधिकारी सिद्धार्थ श्रीवास्तव को लेकर कैंट थाने पहुंची। यहां आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। शुक्रवार सुबह अधिकारी का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद दोपहर में सीबीआई टीम उन्हें अपने साथ लेकर रवाना हो गई।
कार्रवाई से नारकोटिक्स विभाग में हलचल
सीबीएन अधिकारी के सरकारी आवास पर हुई सीबीआई की कार्रवाई के बाद विभाग में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। जांच आगे बढऩे पर कथित लेन-देन से जुड़े अन्य अधिकारियों या बिचौलियों की भूमिका भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, मामले में सीबीआई की ओर से अभी तक आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए छापेमारी में क्या-क्या मिला और कथित रिश्वत प्रकरण में किन लोगों की भूमिका है, इसकी पूरी तस्वीर आधिकारिक जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।
