
इंदौर. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 का शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू करने की घोषणा की.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में परिवहन सेवा को नई तकनीक के साथ मजबूत किया जाएगा. सरकार ऐसा मॉडल तैयार कर रही है, जिसमें निजी बस ऑपरेटर भी सुरक्षित तरीके से व्यवस्था का हिस्सा बन सकें और उन्हें नई तकनीक का लाभ मिले. उन्होंने कहा कि यात्रियों को निश्चित समय पर बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है.
उन्होंने कहा कि परिवहन सेवाओं का विस्तार केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांवों और पंचायत स्तर तक यात्रियों को सुविधा उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जाएगा. बेहतर परिवहन व्यवस्था से प्रदेश में विकास, पर्यटन और रोजगार को भी गति मिलेगी. डॉ. यादव ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में मध्य प्रदेश तेजी से आगे बढ़ सकता है. दुनिया में इलेक्टि्रक वाहनों की बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य में इसके निर्माण और उपयोग को प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जा रहे हैं.
यात्री सुविधा के साथ सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि वर्ष 2004-05 में बंद हुई परिवहन सेवा को अब नए स्वरूप में शुरू किया जा रहा है. मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में यात्री सुविधा के साथ सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी. निजी बस ऑपरेटरों को जोड़कर परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने का प्रयास होगा.
रैपिडो के साथ एमओयू, महिलाओं को मिलेगी सुविधा
समिट में सरकार और रैपिडो के बीच एमओयू हुआ. इसके तहत सार्वजनिक परिवहन सुविधा को मजबूत करने में सहयोग लिया जाएगा. महिला यात्रियों के लिए महिला टू-व्हीलर राइडर्स की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना भी है. मुख्यमंत्री ने परिवहन सेवा पुस्तिका का विमोचन किया.
हरित परिवहन पर भी फोकस
समिट में इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और फ्लेक्स-फ्यूल बसों के इस्तेमाल, चार्जिंग-रीफ्यूलिंग ढांचे, ग्रीन डिपो और उन्नत चालक सहायता प्रणाली पर चर्चा की जा रही है.
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि परिवहन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी योजना में शामिल किया जाना चाहिए. उन्होंने युवाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए परिवहन सेवाओं के विस्तार और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दिया.
सुगम परिवहन सेवा में सुरक्षा और तकनीक पर जोर
परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था में मील का पत्थर साबित होगी. निजी बस ऑपरेटरों को व्यवस्था से जोड़कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा. यात्रियों की सुरक्षा के लिए चालक-परिचालक प्रशिक्षण, बसों की गुणवत्ता जांच, पैनिक बटन और रियल टाइम मॉनिटरिंग अनिवार्य की जाएगी. तकनीक के जरिए बसों के रूट, समय और संचालन की निगरानी होगी.
