
ग्वालियर। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ग्वालियर में कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा परीक्षा केंद्र न बनाए जाने पर चिंता जताई है और ग्वालियर में पुनः परीक्षा केंद्र बहाल करने की मांग की है।भाण्डेर में एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा ग्वालियर में परीक्षा केंद्र न बनाए जाने के कारण परीक्षार्थियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को परीक्षा देने के लिए भोपाल या अन्य दूर-दराज के जिलों के परीक्षा सेंटरों में परीक्षा देने जाना पड़ रहा है। दूर के जिलों में परीक्षा केंद्र होने के कारण छात्राओं के साथ उनके परिजनों को भी अपना काम-धंधा छोड़कर यात्रा करनी पड़ रही है। इससे परिवारों पर आने जाने रहने, खाने और यात्रा का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
दिग्विजय सिंह ने सरकार पर सवाल उठाया कि निजी कालेजों में ऐसे केंद्र क्यों बनाए जाते हैं जो सही ढंग से परीक्षा नहीं करा सकते। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्र-छात्राओं के हित का ध्यान रखना चाहिए और ग्वालियर में पुनः परीक्षा केंद्र बनाए जाने चाहिए। साथ ही, उन्होंने सुझाव दिया कि परीक्षा की जिम्मेदारी जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को लेनी चाहिए। सिंह ने तर्क दिया कि जब यूपीएससी, एमपीपीएससी, नीट और एसएससी जैसी बड़ी परीक्षाएं ग्वालियर में केंद्र-व्यवस्था के तहत सफलता पूर्वक आयोजित कराई जा सकती हैं, तो ईएसबी द्वारा ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता।
