
इंदौर. नापतौल विभाग ने अप्रैल से 8 सितंबर तक 175 प्रकरण दर्ज किए हैं। इनमें कम मात्रा में खाद्य सामग्री देने, निर्धारित मात्रा से कम गैस सप्लाई, एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने और ऑटोमोबाइल पार्ट्स पर अधिक राशि लेने के मामले शामिल हैं. यह जानकारी गुरुवार को संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में दी गई.
विभाग के अनुसार रक्षाबंधन के दौरान एक फर्म द्वारा 10 ग्राम कम मिठाई देने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया. ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी बिगबास्केट पर एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने के मामले में 15 हजार और ऑटोमोबाइल पार्ट्स पर अधिक राशि लेने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया. संभागायुक्त ने आगामी सिंहस्थ को देखते हुए विभाग को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए. उन्होंने संभावित अस्थायी दुकानों के स्थान चिन्हित करने और शॉपिंग मॉल में पैक खाद्य पदार्थों के घोषित वजन का सत्यापन प्राथमिकता से करने को कहा. उन्होंने श्रद्धालुओं से नापतौल संबंधी किसी तरह की अनियमितता नहीं होने देने के निर्देश भी दिए. विभागीय अधिकारियों के अनुसार नए नियमों के तहत नापतौल संबंधी मामलों में 100 रुपये से 50 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है. पहली बार अनियमितता मिलने पर नोटिस देकर सुधार का अवसर दिया जाता है. इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाती है. अधिकारियों ने बताया कि जांच में लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला में जांच कराई जाती है. इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीनों की जांच 12 माह और बाटों की जांच 24 माह में की जाती है.
