जबलपुर: पनागर स्थित एमपी एग्रो केंद्र में किसानों को वितरित की जाने वाली यूरिया में बड़े पैमाने पर हेराफेरी का मामला सामने आया है। जांच अधिकारियों को मौके पर मिली गड़बड़ी के बाद, दो कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है और संतोषजनक जवाब न मिलने पर एमपी एग्रो का लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी गई है।
जानकारी के अनुसार, किसानों के लिए उर्वरक (यूरिया, डीएपी) की व्यवस्था प्रशासन द्वारा पनागर के एमपी एग्रो केंद्र पर की गई थी।
बीते दो दिन पहले, जब जांच अधिकारी एमपी एग्रो पहुंचे, तो उन्हें मौके पर एक ऑटो में करीब 30 बोरी यूरिया लोड मिली। जब अधिकारियों ने बिल बुक की जांच की, तो पाया गया कि जिस व्यक्ति के नाम पर यूरिया सप्लाई की जा रही थी, उसका नाम बिल बुक में दर्ज ही नहीं था। यह अनियमितता सामने आने के बाद, जांच अधिकारी ने तुरंत पंचनामा बनाया और उसे पनागर के वरिष्ठ खाद्य अधिकारी को भेजा।
दो दिन के अंदर मांगा जवाब
मामले की गंभीरता को देखते हुए, खाद्य अधिकारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एमपी एग्रो में कार्यरत अक्षत और विजय नामक दो कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है। उनसे दो दिन के अंदर जवाब मांगा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि इन कर्मचारियों की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो विधि अनुसार एमपी एग्रो का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
