
जबलपुर। धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, जबलपुर द्वारा संवैधानिक एवं संसदीय अध्ययन संस्थान (आई.सी.पी.एस.) के सहयोग से मध्यप्रदेश शासन के अधिकारी-/कर्मचारियों के लिए ‘विधायी प्रारूपणÓ (लेजिस्लेटिव ड्राफ्टिंग) विषय पर दो-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम 10 सितंबर से प्रारंभ होकर 11 सितंबर को सम्पन्न होगा।
इस कार्यक्रम का आयोजन प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार सिन्हा, कुलपति, एवं डॉ. प्रवीण त्रिपाठी, कुलसचिव, के मार्गदर्शन में किया जा रहा है तथा इसका समन्वयन डॉ. गार्गी चक्रवर्ती, डीन ऑफ फैकल्टी, द्वारा किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के विभिन्न शासकीय विभागों से 50 से अधिक प्रतिभागी सम्मिलित हो रहे हैं। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. अनिमेष झा, सहायक आचार्य (विधि), सुश्री अरीना अंसारी, सहायक आचार्य (विधि), एवं श्रुति तिवारी, सहायक कुलसचिव, द्वारा किया जा रहा है।
उद्घाटन सत्र में डॉ. गार्गी चक्रवर्ती, डीन ऑफ फैकल्टी, द्वारा उपस्थित गणमान्य अतिथियों, अतिथिगणों एवं प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत करते हुए स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया। वहीं डॉ. सीमा कौल सिंह, निदेशक, आई.सी.पी.एस., ने सभा को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं महत्व पर प्रकाश डाला।
इस दो-दिवसीय कार्यक्रम में विधायी प्रारूपण के मूल नियम एवं मूल तकनीक, विधायी प्रारूपण की भाषा (सरल, द्विभाषी एवं बहुभाषी) तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता: विधायी प्रारूपण हेतु एक नवीन एवं समागामी भविष्योन्मुखी दृष्टिकोण विषयों पर डॉ. संजीविनी रैना, सहायक आचार्य, विधि संकाय, दिल्ली विश्वविद्यालय, द्वारा सत्र आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, अधिनियमों के प्रकार: सांविधिक निर्वचन के सामान्य नियम एवं सिद्धांत तथा स्पष्टता, यथार्थता, आवश्यकता एवं सरलता का महत्व विषयों पर प्रो. (डॉ.) प्रदीप कुलश्रेष्ठ, डीन, बेनेट विश्वविद्यालय, द्वारा तथा विधायी प्रारूपण में नैतिकता विषय पर सत्र आयोजित किए गए ।
ये सत्र आयोजित किए जाएंगे
इसके साथ ही, विधायी प्रारूपण पर प्रशासनिक विधि के प्रमुख सिद्धांत, विधायी प्रारूपण हेतु संवैधानिक प्रावधान (संविधान का अनुच्छेद 14) तथा निर्वचन का न्यायिक दृष्टिकोण विषयों पर डॉ. असद मलिक, प्रोफेसर, जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, द्वारा तथा दाण्डिक विधान का प्रारूपण: पी-5 सिद्धांत (सिद्धांत, प्रावधान, नीतियाँ, पूर्व-निर्णय एवं व्यावसायिक अभिमत) सहित व्यावहारिक प्रारूपण अभ्यास
विषय पर डॉ. अनुराग दीप, प्रोफेसर, विधि संकाय, दिल्ली विश्वविद्यालय, द्वारा सत्र संचालित किए जाएंगे। कार्यक्रम में एक संवादात्मक सत्र भी सम्मिलित किया जाएगा।
