
जबलपुर। भारतीय सेना के प्रतिष्ठित मुख्यालय मध्य भारत एरिया में सैन्य परम्परा के अनुरूप मध्य भारत एरिया का औपचारिक हस्तांतरण समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान लेफ्टिनेंट जनरल हरबिंदर सिंह वांद्रा ने निवर्तमान जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल पीएस शेखावत से मध्य भारत एरिया का दायित्व एवं नवनियुक्त जनरल अफसर कमांडिंग का कार्यभार ग्रहण किया। कार्यभार सौंपने के दौरान एक औपचारिक सैन्य समारोह आयोजित किया गया जिसमें लेफ्टिनेंट जनरल पीएस शेखावत को विदाई दी गई।
विदित हो कि मध्य भारत एरिया भारतीय सेना की रणनीतिक और सामरिक दृष्टिकोण से सबसे महत्वपूर्ण एरिया में से एक है। मध्य भारत एरिया के जनरल ऑफि सर कमांडिंग की कमान संभालने पर उन्होंने आश्वस्त किया कि ऑपरेशनल तत्परता, प्रशिक्षण की गुणवत्ता, सैनिकों एवं उनके परिवारों का कल्याण और प्रशासनिक दक्षता उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताएं रहेंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी पदों के सहयोग और समर्पण से मध्य भारत एरिया भविष्य में भी उत्कृष्टता के नए मानदंड स्थापित करेगा। उन्होंने सभी पदों से उच्चतम पेशेवर मानकों अनुशासन और टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
जानकारी के अनुसार लेफ्टिनेंट जनरल वांद्रा भारतीय सेना की राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खड़गवासला और भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून के पूर्व छात्र रहे हैं। 9 जून 1990 को उन्हें सिग्नल कोर में सैन्य अधिकारी के रूप में कमीशन मिला था। उन्होंने डिफेंस सर्विसेज़ स्टाफ कॉलेज, सीनियर कमांड और हायर कमांड कोर्स जैसे कई महत्वपूर्ण कोर्स किए हैं। जनरल ऑफि सर के पास विभिन्न हाई प्रोफाइल कमांड स्टॉफ और अनुदेशात्मक नियुक्तियों का व्यापक अनुभव है। अपने सैन्य कार्यकाल के दौरान इन्होने एक सिग्नल रेजिमेंट, एक इन्फेंट्री ब्रिगेड और जीओसी के रूप में एक इन्फेंट्री डिवीज़न की कमान संभाली। वे भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून और एमसीटीई महू में प्रशिक्षक के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वे नामीबिया में मिलिट्री एडवाइजर, हेडक्वार्टर पश्चिमी कमान, चंडीमंदिर में ब्रिगेडियर जनरल स्टॉफ और मेजर जनरल जनरल स्टाफ ऑपरेशन और हेडक्वार्टर दक्षिण पश्चिमी कमान, जयपुर में चीफ ऑफ़ स्टाफ जैसे उच्च एवं महत्वपूर्ण पदों पर पदस्थ रहें हैं। जनरल ऑफिसर को भारतीय सेना में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सेना मेडल और अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित भी किया गया है।
