
उज्जैन. छत्रीचौक के समीप सराफा स्थित खड़े हनुमान मंदिर को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। मंदिर को हटाकर अन्य स्थान पर स्थापित करने की चर्चा के बीच अब प्रतिमा की दिशा को लेकर भी आपत्ति सामने आई है।
वर्तमान में खड़े हनुमान जी दक्षिणमुखी विराजित हैं। पुजारी महेश बैरागी और उनके पुत्र पवन का कहना है कि यदि प्रतिमा को दूसरे स्थान पर ले जाकर स्थापित किया गया तो उसकी दिशा बदल सकती है, जो स्वीकार्य नहीं है। उनका स्पष्ट कहना है कि भगवान की वर्तमान स्थिति और दिशा में किसी तरह का परिवर्तन नहीं होना चाहिए।
मूर्ति सुरक्षा की गारंटी दो
मूर्ति के विस्थापन को लेकर दूसरा बड़ा सवाल उसकी सुरक्षा का है। साधु-संतों, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और अन्य सामाजिक संगठनों का कहना है कि किसी भी स्थिति में प्रतिमा को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। प्रतिमा हटाने के दौरान वह क्षतिग्रस्त अथवा खंडित न हो, इसके लिए संगठन आंदोलन की तैयारी में हैं।
10 दिन में 35 हजार दर्शनार्थी
खड़े हनुमान मंदिर को लेकर लोगों की आस्था का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले करीब 10 दिनों में 35 हजार से अधिक श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंच चुके हैं।
मंगलवार को 15 हजार श्रद्धालु आरती के दौरान आए,वहीं बुधवार गुरुवार को भी 7 -7हजार श्रद्धालु पहुंचे.
उमा भारती ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
विवाद के बीच मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर मामले का समाधान निकालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं उज्जैन के निवासी हैं और ऐसे में खड़े हनुमान मंदिर को लेकर चल रहे विवाद का ऐसा रास्ता निकाला जाना चाहिए, जिससे आस्था से जुड़े लोगों की भावनाएं आहत न हों।उमा भारती ने अपने पत्र में भोपाल का उदाहरण भी दिया है। उन्होंने उल्लेख किया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में भोपाल में कमलापति मार्ग के चौड़ीकरण के दौरान धर्मस्थल प्रभावित होने का विषय सामने आया था। उस समय भी समाधान का रास्ता निकाला गया था। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से उसी तरह सभी पक्षों को साथ लेकर उज्जैन के मामले का समाधान निकालने की अपेक्षा जताई है।
सबको साथ लें
मंदिर के पुजारी बैरागी का कहना है कि जब तक प्रशासन हिंदूवादी संगठनों, साधु-संतों और मंदिर से जुड़े लोगों को साथ लेकर प्रस्तावित कार्य की पूरी जानकारी नहीं देता, तब तक श्री खड़े हनुमान जी के विस्थापन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने दी जाएगी।
नगर निगम के दावों पर पुजारी ने उठाए सवाल
मंदिर परिसर में हुई खुदाई और तोड़फोड़ को लेकर पुजारी महेश बैरागी ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मंदिर परिसर से जुड़े वीडियो और फोटो भी जारी किए हैं। उनका दावा है कि प्रशासन की ओर से भले ही यह कहा जा रहा हो कि प्रतिमा को हटाने का कोई प्रयास नहीं किया गया, लेकिन उनके द्वारा जारी किए गए वीडियो में नगर निगम के अधिकारी और इंजीनियर मंदिर परिसर में दिखाई दे रहे हैं।
पुजारी के अनुसार प्रशासन को लगा कि खड़े हनुमान जी की प्रतिमा को आसानी से हटाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 14 अगस्त को ही नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों को पत्र देकर आग्रह किया था कि अत्याधुनिक जांच मशीनों के माध्यम से प्रतिमा की अंदरूनी स्थिति की जांच कराई जाए और इसके बाद ही किसी प्रकार की कार्रवाई की जाए। उनका आरोप है कि इस अनुरोध के बावजूद मंदिर के हिस्से को तोड़ दिया गया और प्रतिमा को हटाने का प्रयास किया गया।
साध्वी हर्षानंद ने दिया दो दिन का अल्टीमेटम
मामले में साध्वी हर्षानंद, जिन्हें पूर्व में हर्षा रिछारिया के नाम से जाना जाता था, भी खड़े हनुमान मंदिर पहुंचीं। उन्होंने सरकार को दो दिन का समय देते हुए विवाद का समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि निर्धारित समय में समाधान नहीं हुआ तो अनशन और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रशासन बोला- सहमति के बिना नहीं होगा फैसला
विवाद के बीच प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि साधु-संतों, पंडित-पुजारियों और विद्वतजनों की राय लिए बिना कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि सभी पक्षों से चर्चा और सहमति के बाद ही विस्थापन से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
