
रीवा, कमिश्नर कार्यालय के सामने चल रहे न्याय सत्याग्रह के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित कांग्रेसी शांति पैदल मार्च कर सिरमौर चौराहा स्थित आमरण अनशन स्थल पर जा रहे थे. सभी को न्यायालय मार्ग रसिया मोहल्ला के पास पुलिस ने बैरीकेट्स लगाकर रोक लिया. जहा कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई और कई नेता बैरीकेट्स में चढ़ गये. जिसके बाद पुलिस ने झूमाझटकी के बीच आंसू गैस के गोले छोडऩे के साथ वाटर कैनन चलाया. जिसके बाद कार्यकर्ता इधर-उधर हो गये, जबकि झाबुआ विधायक एवं आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. विक्रांत भूरिया, गुरूमीत सिंह मंगू सहित दर्जन भर से अधिक कांग्रेसियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और वाहन में बैठाकर सीधे बिछिया थाने पहुंचाया गया. गहमा-गहमी के बीच प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, महापौर अजय मिश्रा बाबा सहित कुछ कांग्रेसी सिरमौर चौराहा स्थित आमरण अनशन पर पहुंचे. जहा मृतका कल्पना मिश्रा के पिता पिछले 9 दिन से आमरण अनशन पर बैठे हुए है. जहा प्रदेश अध्यक्ष श्री पटवारी ने मृतका के पिता को ढ़ाढस बंधाया और दिवंगतों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित किया और कहा कि दु:ख की इस घड़ी में पूरी कांग्रेस पार्टी आपके साथ खड़ी है. इसके बाद जीतू पटवारी सीधे बिछिया थाने पहुंचे जहा डा. विक्रांत भूरिया को रखा गया है. उधर आंसू गैस और वाटर कैनन से घायल हुए विक्रांत भूरिया ने आरोप लगाया कि उनके आंख में पुलिस ने डंडा मारा है. मैं मना करता रहा लेकिन पुलिस ने सीधे मेरे आंख में डंडा मारा और मेरी आंख फोडऩे की कोशिश की गई. जबकि पुलिस का कहना है कि बैरीकेट्स तोडऩे और झूमाझटकी के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिये आंसू गैस के गोले छोड़े गये.
