सजधज कर निकले वृषभराज, तोरण टूटते ही रस्सी लूटने उमड़ी भीड़ 

मुलताई। नगर में गुरुवार को पोला पर्व धूमधाम से मनाया गया । इस अवसर पर किसानों द्वारा बैलो को नहाकर धुलाकर उन्हे नए वस्त्र पहनाए एवं बैलो की पूजा कर पोला पर्व स्थल हाइस्कूल मैदान पहुचें जहां पर नगर पटेल देशमुख परिवार द्वारा बैलों की पुजा कर तोरण तोडी गई। जिसके बाद बैल दौड़ पड़े । गौरतलब है कि नगर में प्राचीन परंपरा के अनुसार पोला पर्व

धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर किसान पोला से एक दिन पहले बैलो को नहला धुलाकर सजाते है । जिसे खलमलनी कहा जाता है। जिसके बाद दूसरे दिन पोला पर्व पर बैलो को सजाधजा कर नए वस्त्र पहनाए जाते है। वहीं बैलो की पूजा कर गाजे बाजे डीजे की धुन पर नाचते गाते आयोजन स्थल हाइस्कूल मैदान ले जाते है। जहां परंपरा अनुसार नगर के सभी बैल मालिक अपने अपने बैलो को ले जाकर रस्सी एवं आम की पत्ती से बनाई गई तोरण के नीचे खडा करते है। जहां पर नगर पटेल द्वारा बैलों पूजा कर तोरण तोड़ी जाती है। जिसके बाद बैल दौड पडते है। पोला पर्व पर बैलों को मीठे पकवान खिलाए जाते है। वहीं परम्परा है कि पोला पर्व पर हाई स्कूल मैदान पर रस्सी एवं आम की पत्ती से तोरण बनाकर हाइस्कूल मैदान में लगाई जाती है। बैलो की पुजा के बाद नगर पटेल द्वारा तोरण तोड़ी जाती है। इस तोरण की रस्सी को लुटने के लिए लोगों की भीड लग जाती है। जिसके दूसरे दिन कर का त्यौहार मनाया जाता है परंपरा अनुसार कर के दिन बडी संख्या में लोग जुआ खेलते है। किवदंती है कि जिसके पास तोरण की रस्सी होती है,वही जुआ जीतता है । इसलिए तोरण की रस्सी लूटने के लिए लोगों की भीड़ जमा होती है।

Next Post

आपसी सहयोग के चलते बागली से जटाशंकर जाने का वैकल्पिक मार्ग खुला 

Thu Sep 10 , 2026
बागली। बागली से जटाशंकर तीर्थ की दूरी महज 3 किलोमीटर है। लेकिन मुख्य मार्ग पर कुछ गतिविधि या अवरोध के चलते पूजां पुरा रोड (कलाली) मार्ग का सहारा लिया जाता है। लेकिन वहां भी कुछ अवरोध हो तो तीसरा वैकल्पिक मार्ग नहीं था। विगत दिनों वार्ड क्रमांक एक के पार्षद […]

You May Like