
सीधी। कलेक्टर सीधी विकास मिश्रा के निर्देश पर अवैध क्लीनिकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाया है। कुचवाही में गणेश मंदिर के सामने संचालित दो निजी क्लीनिक बिना वैध पंजीयन के अवैध रूप से चलते पाए गए, जिन्हें टीम ने मौके पर बंद कराकर शटर पर नोटिस चस्पा कर दिया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार खरे के मार्गदर्शन में नोडल अधिकारी डॉ. नागेन्द्र बिहारी दुबे एवं लिपिक प्रकाश कुमार पाण्डेय द्वारा गुरुवार, दिनांक 10 सितंबर 2026 को औचक निरीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि गोल्डर क्लीनिक, गणेश मंदिर के सामने कुचवाही और दीपायन विश्वास पिता शैलेन्द्र विश्वास द्वारा संचालित क्लीनिक के पास म.प्र. उपचार्य गृह तथा रूजोपचार संस्थाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम 1973, नियम 1997 एवं नवीन नियम 2023 के तहत कोई भी वैध पंजीयन, ऑनलाइन आवेदन या अनुज्ञा प्रमाण पत्र नहीं था।
दोनों संचालकों को नोटिस जारी कर 3 दिवस के भीतर एमपी ऑनलाइन के माध्यम से पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पंजीयन पूर्ण होने तक क्लीनिक संचालन पूर्णतः बंद रखने का आदेश दिया गया है, जिसका उल्लंघन करने पर कड़ी विधिक कार्यवाही की चेतावनी दी गई है। सीएमएचओ डॉ. अशोक कुमार खरे ने कहा कि शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। जिले में बिना पंजीयन के कोई भी निजी क्लीनिक, नर्सिंग होम या पैथोलॉजी संचालित नहीं होगा। मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि जिले के सभी विकासखंडों में इसी प्रकार का सघन जांच अभियान निरंतर जारी रहेगा। बिना डिग्री, बिना पंजीयन और बिना मानक के चल रहे सभी अवैध संस्थानों को चिन्हित कर सीलिंग और एफआईआर तक की कार्रवाई की जाएगी।
