
नयी दिल्ली, 10 सितंबर (वार्ता) केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि अध्ययन अवकाश के दौरान छात्रवृत्ति, वजीफा या अंशकालिक रोजगार से पारिश्रमिक प्राप्त करने वाले केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की ऐसी सभी राशियों को उन्हें देय अवकाश वेतन में समायोजित किया जाएगा, चाहे वे अपनी पढ़ाई भारत में या फिर विदेश में कर रहे हों। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1972 के नियम 56(4) के लागू होने की स्थिति स्पष्ट कर दी है।
इससे यह उलझन दूर हो गई है कि क्या इस नियम में देश में लिया गया अध्ययन अवकाश भी शामिल है। आठ सितंबर के एक कार्यालय ज्ञापन में डीओपीटी ने कहा कि उसके अवकाश एवं भत्ता विभाग से मिले स्पष्टीकरण के आधार पर इस मामले की जांच की गई है। कार्यालय ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि खंड 56(4) में निहित प्रावधान, अंशकालिक रोजगार के संबंध में छात्रवृत्ति/वजीफा/पारिश्रमिक के रूप में प्राप्त राशि को देय अवकाश वेतन में समायोजित करने के संबंध में, देश और विदेश दोनों जगहों पर लिए गए अध्ययन अवकाश पर लागू होता है।
