वॉशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक बयान में दावा किया है कि आगामी अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के तुरंत बाद ईरान के साथ चल रहा सैन्य संघर्ष समाप्त हो जाएगा। टेक्सास के डलास में रिपब्लिकन मिडटर्म कन्वेंशन के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने आरोप लगाया कि तेहरान अमेरिका में राजनीतिक सत्ता में बदलाव की उम्मीद में चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है ताकि उसे परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान के पास अब अधिक विकल्प नहीं बचे हैं और हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों ने ईरानी सरकार को काफी कमजोर कर दिया है।
ईरानी टैंकरों पर अमेरिकी हमलों का किया जिक्र, कहा- पारंपरिक समझौतों से बढ़कर होगी डील
ट्रंप ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों का समर्थन करते हुए पुष्टि की कि अमेरिकी नौसेना ने हाल ही में ईरानी नौसैनिक जहाजों और तेल टैंकरों को निशाना बनाया है, जिसके जवाब में ईरान ने क्षेत्रीय सैन्य अड्डों पर हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के उन बयानों की पुष्टि करते हुए जिनमें पांच ईरानी टैंकरों को नष्ट किए जाने की बात कही गई थी, ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। कूटनीतिक भविष्य के बारे में बात करते हुए उन्होंने संकेत दिया कि कोई भी आगामी समझौता पारंपरिक परमाणु समझौतों की तुलना में कहीं अधिक व्यापक होगा और टेबल पर कई नए कड़े प्रस्ताव शामिल होंगे।
मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी, क्षेत्र में सुरक्षा प्रबंध कड़े
अमेरिका में नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से महज कुछ हफ्ते पहले मध्य पूर्व के मोर्चे पर आए इस भू-राजनीतिक तनाव ने घरेलू राजनीति को भी गरमा दिया है। क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय यात्रा सावधानियों के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सुरक्षा प्रबंधों को लेकर आश्वस्त नजर आते हुए स्पष्ट किया कि अमेरिकी प्रशासन मध्य पूर्व में अपनी रणनीतिक स्थिति और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी हलचल तेज हो गई है।

