नुवाकोट, नेपाल के नुवाकोट जिले के ढुंगे इलाके में 26 अगस्त को त्रिशूली नदी में आई भीषण बाढ़ के बीच एक चार मंजिला हरा घर चर्चा का केंद्र बन गया, जिसे सोशल मीडिया पर ‘ग्रीन हाउस’ के नाम से जाना गया। जब आसपास की अन्य इमारतें तेज बहाव और कीचड़ के दबाव में ढह गईं, तब यह मजबूत मकान टस से मस नहीं हुआ और इसके अंदर फंसी पांचवीं कक्षा की छात्रा प्रदिशा पायकुरेल तथा उसके परिवार समेत कुल छह लोगों ने बालकनी में डेढ़ घंटे तक मौत के साए में रहकर अपनी जान बचाई।
तेज बहादुर पायकुरेल द्वारा तीन दशक पहले की गई मजबूत इंजीनियरिंग ने बचाई छह लोगों की अमूल्य जान
इस घर को बनाने वाले बिल्डर तेज बहादुर पायकुरेल ने करीब तीन दशक पहले यानी 1996 में मोटे खंभों और 16-एमएम की मजबूत स्टील टीएमटी रॉड्स का इस्तेमाल करके इस स्ट्रक्चर को खड़ा किया था, जो उस वक्त एक साधारण निर्माण फैसला था लेकिन आज जीवन रक्षक साबित हुआ। बाढ़ का पानी कम होने के बाद भी जब परिवार बाहर नहीं निकल पा रहा था, तब तेज बहादुर ने अपनी हार्डवेयर की दुकान के सामान और रस्सियों की मदद से एक कामचलाऊ रास्ता बनाकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
वैश्विक स्तर पर मशहूर हुआ यह घर, बाढ़ से भारी नुकसान के बाद परिवार को छोड़ना पड़ा आशियाना
सोशल मीडिया पर इस घर के वीडियो वायरल होने के बाद फ्रांस, थाईलैंड, कनाडा और भारत जैसे देशों से लोग इसे देखने पहुंच रहे हैं, जिससे यह ‘सेलिब्रिटी हाउस’ बन चुका है। हालांकि, बाढ़ के कारण ग्राउंड फ्लोर और नदी किनारे के हिस्से को भारी क्षति पहुंचने तथा कीचड़ भर जाने के कारण मालिक छत्र बहादुर पायकुरेल को अपने परिवार के साथ फिलहाल काठमांडू में रिश्तेदारों के यहां शरण लेनी पड़ी है, और उन्होंने सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।

