
सतना, जिले के नागौद वृत्त अंतर्गत पिपरोखर और सेमरिहा टोला की रहवासी बस्ती के निकट पिछले काफी समय से अवैध शराब की फैक्ट्री आबाद थी. आबकारी अमले द्वारा की गई छापेमारी में दोनों स्थानों से 3 हजार 500 किलो महुआ लाहन और 40 लीटर हाथ की शराब के साथ ही शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान को बरामद किया गया. इस मामले में आबकारी अमले द्वारा 8 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं.
सहायक जिला आबकारी अधिकारी लोकेश ठाकुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के नागौद वृत्त अंतर्गत ग्राम सेमरिहा टोला और पिपरोखर में अवैध शराब बनाने और बेचने की शिकायतें मिल रही थीं. जिसकी पुष्टि करने के बाद वृत्त प्रभारी संजय कुमार साकेत के नेतृत्व में डेढ़ दर्जन की संख्या में आबकारी दल मौके पर पहुंच गया. टीम द्वारा छापेमारी करते हुए रहवासी मकानों में तलाशी ली जाने लगी. टीम द्वारा छेड़े गए तलाशी अभियान के चलते 3 हजार 500 किलो महुआ लाहन बरामद किया गया. जिन्हें लगभग आधा सैकड़ा प्लास्टिक के कंटेनरों में रखा गया था. इसी कड़ी में 40 लीटर देशी हाथ भ_ी महुआ शराब भी बरामद की गई. इसके साथ ही शराब बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले बर्तन, ड्रम और भ_ी को भी बरामद किया गया. जब्त महुआ लाहन और शराब की कीमत 3 लाख 56 हजार रु आंकी गई. जिसे देखते हुए इस मामले में मप्र आबकारी अधिनियम की धारा 34 के अंतर्गत 8 प्रकरण पंजीबद्ध करते हुए अमले द्वारा आगे की कार्रवाई शुरु कर दी गई.
शहर सहित अन्य क्षेत्र में आपूर्ति
ग्रामीणों के अनुसार पिपरोखर और सेमरिहा टोला में हाथ भ_ी की शराब बनाने का कार्य पिछले काफी समय से बदस्तूर जारी है. जहां पर बनने वाली शराब को स्थापित नेटवर्क के जरिए आस पास के क्षेत्र से लेकर शहर तक में सप्लाई किया जाता है. ऐसा भी नहीं माना जा सकता कि इस संबंध जिम्मेदार अमले को जानकारी नहीं थी. क्योंकि कुछ स्थानीय रहवासियों द्वारा इसे लेकर लगातार शिकायतें की जाती रही हैं. लेकिन लंबे समय तक दबे-छिपे रहने के बाद जब राज्य के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत की घटना सामने आई. तब शिकायतों को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करना जिम्मेदारों की मजबूरी बन गई.