
इंदौर. यात्री बसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करना संचालकों को भारी पड़ा. परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम ने बुधवार को यात्री और टूरिस्ट बसों की सघन जांच कर 9 बसों को अनफिट पाए जाने पर उनके फिटनेस निरस्त कर दिए. वहीं विभिन्न कमियां मिलने पर अन्य बस संचालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए 35 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया.
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रदीप शर्मा के मार्गदर्शन में की गई कार्रवाई के दौरान बसों में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की बारीकी से जांच की गई. टीम ने अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, इमरजेंसी गेट, एग्जिट गेट और कंपार्टमेंट सहित अन्य सुरक्षा मानकों को देखा. जांच में खामियां मिलने पर संबंधित बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई. परिवहन विभाग के अनुसार, कार्रवाई का उद्देश्य बस संचालकों को सुरक्षा मानकों का पालन कराने के साथ यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
जांच के दौरान कुछ बस संचालकों ने कार्रवाई में शिथिलता बरतने का दबाव बनाने का प्रयास भी किया, लेकिन अधिकारियों ने नियमों के तहत कार्रवाई जारी रखी. एआरटीओ राजेश गुप्ता और परिवहन निरीक्षक आकाश सिटोले ने प्रवर्तन अमले के साथ यह कार्रवाई की. विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनफिट और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली यात्री एवं टूरिस्ट बसों के खिलाफ जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा.
