
जबलपुर। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी डॉ. गौरव गर्ग की अदालत ने चैक बाउंस के मामले में महिला राखी अग्रवाल को दोषी पाया है। अदालत ने आरोपी महिला को छह माह की सजा व एक लाख 58 हजार रुपये की राशि एक माह में अदा करने के निर्देश दिये है। राशि अदायगी न होने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह परिवाद समदडिय़ा ग्रीन सिटी निवासी ऐजल जैन ने अधिवक्ता सृजन जैन के माध्यम से दायर किया था। जिनकी ओर से अदालत को बताया गया कि परिवादी ऐजल का जवाहरगंज निवासी राखी अग्रवाल के पति अभिषेक अग्रवाल से मित्रवत संबंध थे। जिन्होंने अपनी आर्थिक आवश्यकता बताते हुए एक लाख बीस हजार रुपये की राशि प्राप्त की। जिसके एवज में 11 फरवरी 2024 को एचडीएफसी बैंक का चैक दिया। जो निर्धारित तिथि पर आवेदक ने अपने खाते में जमा किया, लेकिन अपर्याप्त राशि होने के कारण उक्त चैक अनादरित हो गया। इसके बाद अनावेदक के कहने पर पुन: चैक लगाया गया, जिस पर स्टाप पेमेंट कर दिया गया। इस तरह अनावेदक ने परिवादी की दी हुई राशि हड़प ली। जिसके बाद कानूनी नोटिस देकर उक्त मामला दायर किया गया। पूरे मामले का अवलोकन करने के बाद अदालत ने उक्त निर्देश दिये।
