
जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की नई वेबसाइट में लगातार आ रही तकनीकी दिक्कतों पर हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने गंभीर नाराजगी जताई है। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनिंद्र कुमार सिंह की पीठ ने पारित आदेश में कहा कि वेबसाइट ई-हियरिंग को सपोर्ट नहीं कर रही है और इसमें कई तकनीकी गड़बड़ियां हैं। इन खामियों के कारण न्यायिक समय बर्बाद हुआ।
पीठ ने कहा कि वेबसाइट के संबंध में आईटी स्टाफ की अक्षमता को गंभीरता से लिया जा रहा है। आदेश में मुख्य न्यायाधीश से संबंधित आईटी स्टाफ के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा गया है।
सात दिन में बताने होंगे कारण
पीठ ने रजिस्ट्रार (आईटी-सीएसए) केएस कुशवाहा को विस्तृत जांच कराने और यह बताने के निर्देश दिए कि हाई कोर्ट के कामकाज में बाधा क्यों उत्पन्न हो रही है। दोषी पाए जाने वाले के विरुद्ध कार्रवाई कर सात दिन के भीतर पीठ को रिपोर्ट देने को कहा गया है।
टीसीएस, इंफोसिस या एलएंडटी से होगा स्वतंत्र ऑडिट
पीठ ने हाई कोर्ट के आईटी सिस्टम की स्वतंत्र जांच के लिए टीसीएस, इंफोसिस या एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के विशेषज्ञों की टीम गठित करने का निर्देश दिया है। टीम में भारत सरकार के सी-डॉट और मासकॉम के अधिकारी भी शामिल किए जा सकते हैं। तीसरे पक्ष का यह ऑडिट 30 दिन में पूरा कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करनी होगी।
