
छिंदवाड़ा। खनिज परिवहन में चलने वाले वाहनों पर होने वाली कार्रवाई और उसके बाद वाहनों पर किए जाने वाले जुर्मानें में की जा रही देरी से डम्पर और ट्रेक्टर ऐसोसिएशन नाराज है। बुधवार को उनकी नाराजगी पंडाल से बाहर आकर सड़क पर भी नजर आई। प्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में मटेरियल सप्लायर ऐसोसिएशन ने खुलकर सामने आ गया है। सभी संगठनों ने मिलकर एक स्वर में आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन जिले में मटेरियल सप्लायरों और डम्पर मालिकों पर कुछ ज्यादा ही सख्ती दिखा रहा है। जबकि पांढुर्णा और अन्य जिलों में कही भी ऐसी सख्ती नहीं है। यहां प्रशासन ओव्हर लोड में पकड़े जाने वाले खनिज वाहनों पर तीन माह तक जुर्माने की कार्रवाई तय नहीं कर पा रहा है जबकि अन्य जिलों में तीन दिन में जुर्माना तय हो रहा है। प्रशासन की जुर्माना कार्रवाई में होने वाली इस लेट लतीफी की वजह से उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक तरफ थाना परिसरों में खड़े खड़े वाहनों के टायर ट्यूब और बेटरी खराब हो रही है वहीं दूसरी ओर वाहन न चला पाने की वजह से वे वाहनों की किस्त भी अदा नहीं कर पा रहे है। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन वाहन मालिकों की समस्याओं का निराकरण करे। ध्यान रहे कि प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में दोनों ही ऐसोसिएशन अनिशचित कालीन हड़ताल पर है बुधवार को हड़ताल का तीसरा दिन था।
डंपर से रेत लाने पर मिलती है टीपी
विरोध कर रहे बिल्डिग़ मटेरेयिल ऐसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि खनिज विभाग से डम्परों मेंं रेत लाने की टीपी जारी की जाती है। मेटिरयल सप्लायर उन्हें एक स्थान पर एकत्रित करते है और के्रताओं की मांग के आधार पर ट्रेक्टर ट्रालियों से एक दो ट्राली सप्लाई किया जाता है लेकिन शहरी क्षेत्र मेंं ट्रेक्टरों को पकड़ा जा रहा है और रायल्टी मांगी जा रही है। ट्रेक्टरों से रेत सप्लाई की रायल्टी अब वे कहां से लाएं।
किसानों को सरकार ने दी है छूट
बिल्डिग़ सप्लायर ऐसोसिएशन का कहना कि खनिज विभाग शहर या अन्य स्थानों से निजी उपयोग के लिए रेत गिट्टी या अन्य मेटेरियल लेकर जाता है तो उसे भी खनिज विभाग की कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। जबकि सरकार ने किसानों को छूट दे रखा है। उनका कहना है कि जिले भर में इस समय तकरीबन 500 से ज्यादा डम्पर और ट्रेक्टर थानों मेंं खड़े है जिसमें किसानों के ट्रेक्टर भी शामिल है।
