
गुना। जिले में पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाले दो अलग-अलग मामलों में गुरुवार को पुलिस अधीक्षक ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो एएसआई को निलंबित कर पुलिस लाइन भेज दिया। इन पर कर्तव्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता और गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप सिद्ध हुए हैं। पहला मामला म्याना थाना क्षेत्र की ऊमरी चौकी से जुड़ा है। मंगलवार रात उमरी चौकी पुलिस ने बाबा राजा के फार्म हाउस के पास दुधोनिया रोड पर छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरान पुलिस ने 10 लोगों को जुआ खेलते हुए गिरफ्तार किया था। आरोपियों के पास से दो लाख तीन हजार रुपये नगद, ताश की गड्डियां और दो बाइक भी जब्त की गई थीं।
कार्रवाई के बाद यह शिकायत सामने आई कि चौकी प्रभारी एएसआई महेंद्र सिंह चौहान ने प्राथमिक रिपोर्ट से दो आरोपियों के नाम हटा दिए। आरोप था कि चौहान ने जुआरियों को संरक्षण दिया और उन्हें बचाने की कोशिश की। मामले की जांच में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक ने नाराजगी जताते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस लाइन अटैच कर दिया।
आरक्षक से अभद्रता और पिस्तौल दिखाने का आरोप
दूसरा मामला जामनेर थाना क्षेत्र का है। यहां पदस्थ एएसआई अजमेर सिंह रावत पर 8 फरवरी की रात अनुशासनहीनता के गंभीर आरोप लगे थे। बताया जाता है कि रावत अपने आवास के बाहर तेज आवाज में गाने बजा रहे थे और शोर मचा रहे थे। इस पर ड्यूटी पर मौजूद आरक्षक सोबरन सिंह ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। लेकिन समझाने के बजाय एएसआई रावत ने आरक्षक के साथ गाली-गलौच की, उस पर शराब फेंकी और हद तो तब हो गई जब उन्होंने सरकारी पिस्तौल निकालकर आरक्षक को धमकाया। इस पूरे प्रकरण की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंची। जांच में आरोप सही पाए जाने पर गुरुवार को एसपी ने रावत को भी निलंबित कर दिया।
दोनों एएसआई पर सख्त कार्रवाई
दोनों ही मामलों में पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट संदेश दिया है कि विभाग में अनुशासनहीनता और कर्तव्य में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उमरी चौकी प्रभारी महेंद्र सिंह चौहान और जामनेर थाना के एएसआई अजमेर सिंह रावत को निलंबित कर तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन भेज दिया गया है।
