
रीवा, स्वास्थ्य सूचकांकों को बेहतर करने के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है. अनमोल पोर्टल पर दर्ज जानकारी के अनुसार 31 अगस्त तक जिले में गर्भवती महिलाओं की दर्ज संख्या 12272 है. इनमें से 9718 महिलाओं का प्रसव सरकारी अस्पतालों में तथा 1544 महिलाओं का प्रसव निजी अस्पतालों में हुआ. इनका प्रतिशत 91 है. इनमें से 873 महिलाओं का प्रसव जिले से बाहर हुआ तथा 137 का प्रसव घर पर ही हुआ. इस संबंध में कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इस संबंध में प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधाकर पाण्डेय ने बताया है कि गर्भवती महिलाओं के पंजीयन तथा अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओं में 60 प्रतिशत से कम उपलब्धि वाली सभी एएनएम तथा सीएचओ के वेतन आहरण पर रोक लगाई जा रही है. पोर्टल में निर्धारित बिन्दुओं पर 60 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि होने पर ही वेतन दिया जाएगा. सभी सीएचओ, एएनएम और आशा कार्यकर्ता हर गर्भवती महिला का समय पर पंजीयन और नियमित जाँच कराएं. इसमें लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
