राज्यसभा में उठा विन्ध्य में रेलवे की दुर्दशा का मामला

सतना.रेलवे के संसाधनों की दृष्टि से उपेक्षित विन्ध्य की दुर्दशा का मसला वर्षों बाद देश के सर्वोच्य सदन राज्यसभा में सोमवार गूंजा.कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक तंखा ने रेलवे पर लाए गए विशेष संशोधन विधेयक पर रेल मंत्री की मौजूदगी में रेलवे के विस्तार की कलई खोलकर रख दी.

सोमवार को संसद के बजट सत्र की शेष बैठक के दौरान रेलवे मंत्री अश्विनी वैश्रव ने रेलवे पुर्नगठन संशोधन विधेयक सदन में चर्चा के लिए प्रस्तुत किया.चर्चा में कांग्रेस की ओर से राज्यसभा सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता श्री तंखा ने रेलवे की दुर्दशा की चर्चा करते हुए सरकार को कटघरे में खडा करने की कोशिश की उन्होने स्पष्ट रूप से कहा कि संसाधनों कीे दृष्टि से उपेक्षित विन्ध्य की यह स्थिति है कि कहने के लिए दिल्ली से जोडने के लिए विन्ध्य की जनता को बडी मुश्किल से एक ट्रेन दी गई है.जो प्रयागराज होते हुए रीवा पहुचती है.अमृतकाल और विकसित भारत के युग में इस ट्रेन की यह स्थिति है कि लोग रीवा जाने के लिए इसे प्रयागराज में सिर्फ इसलिए छोड देते हैं.इस ट्रेन को प्रयागराज से रीवा पहुचने में पांच घण्टे लगते हैं,जबकि सड़क मार्ग से लोग दो घण्टे में रीवा पहुच जाते है.

श्री तंखा ने सदन में दिए अपने 24 मिनट लम्बे भाषण में रेलवे के आधुनिकीकरण और यात्री सुरक्षा के लिए कवच पर सवाल उठते हुए कहा कि अपने पडोसी देश चीन ने कम समय में जिस प्रकार से अपने देश में संसाधनो का विकास किया है.उससे सीख लेने की आवश्यकता है.उसने अपने पडोसी देशों तक टे्रन की पहुच बना ली है,जबकि देश में अभी यह स्थिति है कि बहुत से क्षेत्रों को इस सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है.

स्थानीय सांसदों पर लगा प्रश्र िचन्ह

राज्यसभा में विन्ध्य की समस्या की ओर श्री तंखा के ध्यान आकर्षित कराने के घटनाक्रम ने विन्ध्य के निर्वाचित सभी सांसदों को कटघरे में खडा कर दिया है.लगातार भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधियों के निर्वाचन से केन्द्र तक विन्ध्य की समस्याओं को उस रूप में उठाने के कम ही अवसर सामने आए है जिस प्रकार से उसे उठाया जाना चाहिए.श्री तंखा ने उपेक्षित विन्ध्य के दर्द को जिस प्रकार से मरहम लगाने का प्रयास किया है.उसकी बुद्धिजीवी वर्ग ने बडी प्रशंसा की है.

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