
बेगमगंज। गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात श्रद्धालुओं के लिए जागरण की रही , सड़कों के दोनों ओर हजारों श्रद्धालुओं ने मातारानी के दर्शन कर उन्हें विदा किया।
सजी धजी 34 बड़ी दूधिया रोशनी में नहाई मातारानी की झांकियां दशहरा मैदान से पूजा-अर्चना के बाद रवाना हुई । विभिन्न आखड़ों के साथ डीजे-ढ़ोल पर जय अंबे-जय जगदंबे , जय माता दी के गगनभेदी जयकारों के साथ उत्साही युवाओं की टोलियां नांचते ओर जयकारे लगाते हुए चल रही थी।
सड़क के दोनों ओर रात भर डटे रहे श्रद्धालुओं ने जयकारों से मातारानी को दी विदाई।
हिंदू उत्सव समिति की व्यवस्था से झांकियां क्रमबद्ध होकर निकली जो दशहरा मैदान से नगर के मुख्य मार्गो नया बस स्टैंड , पुराना बस स्टैंड , मेन रोड़ गांधी बाजार , कबीट चौराहा , बजरिया चौराहा , किला गेट माला फाटक , पक्का फाटक चल समारोह मार्ग से सागरमल की पुलिया पहुंची और विसर्जन के लिए रात के अंतिम पहर में सेमरी नदी के हफ़सीलि घाट पर पहुंची ,जहां पर विधिविधान से देवी मां की प्रतिमाओं का विसर्जन सुबह 8.30 बजे तक किया गया। कुछ स्थानों पर मुस्लिम समुदाय द्वारा स्वागत एवं पेयजल व्यवस्था करके सांप्रदायिक सौहार्द का परिचय दिया।
चल समारोह में एसडीएम सौरभ मिश्रा , एसडीओपी आलोक श्रीवास्तव , तहसीलदार प्रमोद उइके , नायब तहसीलदार विक्रम सिंह एवं थानाप्रभारी राजीव उइके के नेतृत्व में पुलिस व्यवस्था चाकचौबंद रही , वहीं विसर्जन स्थल पर तेज रोशनी , सीसीटीवी कैमरों के अतिरिक्त गोताखोरों की टीम भी सुरक्षा के लिए तैनात की गई थी।
