
नयी दिल्ली 07 मई (वार्ता) भारतीय सेना की ओर से पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के ठिकानों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत किये गये हमलों के बाद पाकिस्तान ने बुधवार को नागरिक विमानन कार्यों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को 48 घंटे के लिए बंद करने की घोषणा की।
पाकिस्तान ने पहले केवल इस्लामाबाद और लाहौर के हवाई क्षेत्र को बंद करने का ऐलान किया था और उड़ानों को इन दोनों क्षेत्रों की सभी उड़ानों को कराची की ओर मोड़ दिया गया था। पाकिस्तानी नागर विमान विभाग के अधिकारियों ने उसके बाद यह पाबंदी पूरे देश के लिए लगा दी।
उन्होंने घोषणा की है कि सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र नागरिक विमानों के लिए 48 घंटे के लिए पूरी तरह से बंद रहेगा। अधिकारियों ने इस घोषणा के आठ घंटे बाद प्रतिबंध हटा लिया और एयरलाइनों की उड़ानों का परिचालन फिर से शुरू हो गया। ढील के बाद अंतरराष्ट्रीय और घरेलू सेवाएं फिर से शुरू हुईं और अधिकांश उड़ानें कराची के जिन्ना इंटरनेशनल या लाहौर से परिचालित की गयीं।
थोड़े समय तक खोलने के बाद लाहौर के हवाई क्षेत्र को फिर 24 घंटे के लिए कर दिया गया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कराची के जिन्ना हवाई अड्डे पर आज काफी भीड़ देखी गई, क्योंकि वहां अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों में देरी हो रही थी।
स्वीडेन के समाचार माध्यमों की एक रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान द्वारा भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को प्रतिबंधित किये जाने के बाद एयर फ्रांस, ब्रिटिश एयरवेज और स्विस फ्लाइट ने पहली मई से भारत की अपनी उड़ानों के लिए पाकिस्तानी आसमान से बचने के लिए अपने मार्ग बदल दिए हैं। लुफ्थांसा, आईटीए एयरवेज और लॉट पोलिश एयरलाइंस ने भी कथित तौर पर अपना मार्ग बदलना शुरू कर दिया, जिसका पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ा है।
