हैदराबाद | फुटबॉल का महाकुंभ ‘फीफा वर्ल्ड कप 2026’ आगामी 12 जून से शुरू होने जा रहा है, लेकिन भारत में इसके प्रसारण को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। फीफा और संभावित भारतीय ब्रॉडकास्टर्स के बीच मीडिया राइट्स की कीमत को लेकर बनी सहमति न बन पाने के कारण यह पेंच फंसा हुआ है। जिओस्टार द्वारा लगाई गई बोली को फीफा द्वारा खारिज किए जाने के बाद से भारतीय प्रशंसकों में चिंता बढ़ गई है कि वे इस टूर्नामेंट को देख पाएंगे या नहीं।
इस अनिश्चितता के बीच दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर कर दूरदर्शन के माध्यम से मैचों के प्रसारण की मांग की गई थी। हालांकि, सुनवाई के दौरान दूरदर्शन ने स्पष्ट कर दिया कि भारत में फीफा वर्ल्ड कप के अधिकार हासिल करना उसकी जिम्मेदारी नहीं है। इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि दूरदर्शन भी इस टूर्नामेंट के प्रसारण की दौड़ से बाहर हो चुका है, जिससे प्रशंसकों की उम्मीदें और धुंधली हो गई हैं।
इस ब्रॉडकास्टिंग संकट का मुख्य कारण टूर्नामेंट के आयोजन स्थल और भारत के बीच का समयांतर है। मैचों के देर रात और सुबह प्रसारित होने के कारण ब्रॉडकास्टर्स बड़ी धनराशि निवेश करने से कतरा रहे हैं। फीफा द्वारा मांग की गई करोड़ों डॉलर की राशि और भारतीय बाजार की सीमित दिलचस्पी के कारण डील अटक गई है। फिलहाल स्थिति यह है कि टूर्नामेंट शुरू होने में बहुत कम समय बचा है और अभी तक कोई भी आधिकारिक ब्रॉडकास्टर सामने नहीं आया है।

