
नई दिल्ली, 14 नवंबर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के आधिकारिक रुझानों में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए की सत्ता में प्रचंड बहुमत के साथ वापसी होती दिख रही है, जबकि महागठबंधन को करारी हार मिली है। एनडीए की इस जीत का एक बड़ा कारण महिला मतदाताओं का समर्थन है। पुरुषों से 9% ज्यादा महिलाओं ने मतदान किया, जिसका श्रेय चुनाव से ठीक पहले ‘महिला रोजगार योजना’ के तहत ₹10-10 हजार रुपये उनके खाते में डालने को दिया जा रहा है। इसके अलावा, नीतीश कुमार की “आखिरी चुनाव” वाली भावनात्मक अपील और उनका अकेला आदमी वाला अपरंपरागत राजनीतिक व्यक्तित्व भी जीत की बड़ी वजह बना।
मोदी-शाह का सघन प्रचार और केंद्र का भरोसा
एनडीए सरकार की प्रचंड जीत के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सघन प्रचार को भी एक अहम कारण माना जा रहा है। दोनों दिग्गज नेताओं ने राज्य में जमकर पसीना बहाया और ‘जंगल राज’ व ‘कट्टा पॉलिटिक्स’ जैसे मुद्दों को उठाकर मतदाताओं को सीधे प्रभावित किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मोदी और शाह की रैलियों ने माहौल बनाने का काम किया। साथ ही, केंद्र में एनडीए सरकार होने के कारण जनता ने विकास की तेज रफ्तार के लिए नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले गठबंधन पर अधिक भरोसा जताया।
महागठबंधन की हार के पीछे RJD-कांग्रेस की आपसी रार
महागठबंधन की करारी शिकस्त का एक बड़ा कारण आरजेडी और कांग्रेस के बीच की आपसी तनातनी भी रही। चुनाव की घोषणा के बाद, सीट बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन को लेकर आखिरी समय तक खींचतान चलती रही। कई सीटों पर आरजेडी और कांग्रेस दोनों ने ही उम्मीदवार उतार दिए, जिससे जनता में यह संदेश गया कि यदि ये सरकार में आए तो पूरे पाँच साल इसी तरह की खींचतान देखने को मिल सकती है। इस आपसी कलह ने महागठबंधन के प्रति जनता के भरोसे को कमजोर किया।
