
देवास। किसानों का भरोसा बढ़े तो कृषि उपज मंडी की रौनक भी बढ़ती है और यही तस्वीर इन दिनों देवास कृषि उपज मंडी में दिखाई दे रही है। बारिश के मौसम में जब आमतौर पर मंडियों में आवक सुस्त पड़ जाती है, देवास मंडी ने इस बार इसके उलट प्रदर्शन किया है। यहां मौसम की चुनौती कारोबार की रफ्तार को थाम नहीं सकी। मंडी में किसानों की बढ़ती आवाजाही और व्यापारियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने ऐसा माहौल बनाया कि इस बार मंडी ने न सिर्फ अपनी रफ्तार बनाए रखी, बल्कि प्रदर्शन के मामले में प्रदेश की दूसरी मंडियों को भी पीछे छोड़ दिया। मंडी के आंकड़े अब इस बढ़ते भरोसे की कहानी खुद बयां कर रहे हैं।
देवास की कृषि उपज मंडी में देवास सहित आसपास के जिलों के किसान भी उपज बेचने के लिए आते हैं। यही कारण है कि अप्रैल से अगस्त 2026 तक मंडी ने न केवल आवक में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की, बल्कि आय के मामले में भी प्रदेश की मंडियों को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान हासिल किया है। अप्रैल से अगस्त 2026 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो देवास कृषि उपज मंडी ने आय के मामले में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। इस अवधि में मंडी की आय 12 करोड़ 89 लाख रुपए रही। जबकि पिछले साल 2025 अप्रैल से अगस्त के बीच यही आय 8 करोड़ 26 लाख रुपए थी। यानी एक साल में मंडी की कमाई में करीब 66 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है।
खास बात यह है कि मंडी ने यह उपलब्धि अपने निर्धारित लक्ष्य से भी आगे निकलकर हासिल की है। भोपाल मुख्यालय से इस वर्ष देवास मंडी के लिए 11 करोड़ 49 लाख रुपए का आय लक्ष्य तय किया गया था। इसके मुकाबले मंडी ने अगस्त तक ही 12 करोड़ 89 लाख रुपए की आय अर्जित कर ली। इस तरह मंडी ने लक्ष्य से करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपए अधिक, यानी लगभग 15 प्रतिशत ज्यादा आय हासिल की।
आय बढ़ी तो आवक ने भी पकड़ी रफ्तार-
मंडी की बेहतर तस्वीर सिर्फ आय के आंकड़ों तक सीमित नहीं है। इस अवधि में यहां कृषि उपज की आवक में भी करीब 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यानी किसान बड़ी संख्या में अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचे और इसी बढ़ती आवक ने मंडी के कारोबार को मजबूती दी। देवास मंडी में देवास जिले के किसानों के साथ आसपास के जिलों से भी किसान अपनी उपज लेकर पहुंच रहे हैं। किसानों के लिए यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अधिक आवक के साथ मंडी में खरीदारों के बीच प्रतिस्पर्धा भी बढ़ती है। यही प्रतिस्पर्धा उपज के बेहतर भाव मिलने की उम्मीद को मजबूत करती है।
150 व्यापारियों की मौजूदगी से बढ़ती है प्रतिस्पर्धा-
देवास कृषि उपज मंडी में करीब 150 व्यापारी लाइसेंसधारी हैं। बड़ी संख्या में व्यापारियों की मौजूदगी के कारण किसानों के सामने अपनी उपज बेचने के लिए विकल्प अधिक रहते हैं। व्यापारी भी अच्छी उपज हासिल करने के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करते हैं। मंडी में यही व्यापारिक प्रतिस्पर्धा किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। बेहतर भाव की उम्मीद, सही तौल और मंडी की व्यवस्थाओं में सुधार के चलते किसानों का रु देवास की ओर बढ़ा है।
बारिश के सीजन में बढ़ी आवक-
देवास मंडी के इस प्रदर्शन को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि बारिश के मौसम में सामान्यतः कृषि उपज मंडियों में आवक प्रभावित होती है। मौसम, परिवहन और खेतों में फसल संबंधी परिस्थितियों के कारण इस अवधि में आवक कम होना सामान्य बात है। इसके बावजूद देवास मंडी में आवक का करीब 34 प्रतिशत बढ़ना और आय का पिछले साल के मुकाबले 66 प्रतिशत बढ़ जाना मंडी के बदलते माहौल की ओर इशारा करता है। किसान यहां पहुंच रहे हैं, व्यापारी खरीदी के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं और मंडी की व्यवस्थाएं इस बढ़ती गतिविधि को संभाल रही हैं। प्रदेश में आय के मामले में पहली पायदान हासिल करना भले ही मंडी के लिए एक उपलब्धि हो, लेकिन इसके पीछे सबसे अहम कहानी किसानों के बढ़ते भरोसे की है। क्योंकि मंडी की रौनक तभी बढ़ती है, जब किसान अपनी उपज लेकर वहां पहुंचता है।
उचित भाव से मजबूत हुआ भरोसा-
व्यापारी संघ के अध्यक्ष संजय पोरवाल का कहना है कि मंडी की व्यवस्थाओं में सुधार का असर किसानों की आवाजाही पर दिखाई दे रहा है। किसानों को सही तौल और उचित भाव मिलने से उनका विश्वास बढ़ा है। यही वजह है कि अब दूसरे जिलों के किसान भी अपनी उपज बेचने के लिए देवास मंडी को प्राथमिकता दे रहे हैं। उनका कहना है कि मंडी में व्यापारियों के बीच प्रतिस्पर्धा होने से किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर भाव प्राप्त करने का अवसर मिलता है। इससे मंडी में कारोबार भी बढ़ रहा है और किसानों की संख्या भी।
नियमित जांच व तौल व्यवस्था पर नजर-
मंडी सचिव अरविंद परिहार का कहना है कि मंडी की व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। व्यापारियों के बीच प्रतिस्पर्धा का सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है। मंडी कर्मचारी नियमित रूप से तौल सहित अन्य व्यवस्थाओं की जांच करते हैं, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो और व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे। उनके मुताबिक मंडी में बढ़ रही आवक इसी विश्वास का परिणाम है। किसान जब एक बार मंडी की व्यवस्था और कारोबार से संतुष्ट होता है तो वह दोबारा भी अपनी उपज लेकर आता है। यही भरोसा अब देवास मंडी की बढ़ती आवक की बड़ी वजह बन रहा है।
