
नयी दिल्ली, हरित विमान ईंधन का इस्तेमाल करते हुए नवोदित विमान सेवा कंपनी अकासा एयर के एक विमान ने मंगलवार को मुंबई से गोवा की वाणिज्यिक उड़ान सफलतापूर्वक पूरी की।
एयरलाइंस ने बुधवार को बताया कि इस उड़ान के लिए भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने एक प्रतिशत हरित विमान ईंधन मिश्रित एटीएफ की आपूर्ति की थी। यह उड़ान मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से मंगलवार अपराह्न 1.05 बजे रवाना हुई और उसी दिन अपराह्न 2.30 बजे गोवा के मनोहर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी। आकासा एयर और भारत पेट्रोलियम ने हरित विमान ईंधन को अपनाने और विमानन सेक्टर में कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद करने वाले अन्य अवसरों का पता लगाने के लिए इस साल जुलाई में एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये थे।
अकासा एयर के मुख्य वित्तीय अधिकारी अंकुर गोयल ने कहा, “सस्टेनेबिलिटी अकासा एयर के मुख्य मूल्यों में से एक है और इसी के आधार पर हम लंबे समय के लिए विमान सेवा कंपनी को तैयार कर रहे हैं। शुरुआत से ही, हमने अगली पीढ़ी के विमानों, प्रौद्योगिकी और जिम्मेदार तौर-तरीकों में निवेश किया है। भारत पेट्रोलियम के साथ यह उड़ान हमारी धरातल पर उतारेगी।” भारत पेट्रोलियम के निदेशक (विपणन) शुभंकर सेन ने कहा, “पारंपरिक ईंधन से टिकाऊ विकल्पों की ओर बढ़ना देश के लिए पर्यावरण और रणनीति, दोनों ही नजरिये से जरूरी है। बिखरी हुई आपूर्ति श्रृंखला की वजह से हालांकि फीडस्टॉक की उपलब्धता और उसे इकट्ठा करने में पहले चुनौतियां आती रही हैं, लेकिन पूरी मूल्य श्रृंखला में लगातार कोशिशों से एक टिकाऊ विमानन ईंधन पारितंत्र बनाने की नींव रखी गयी है।”
उन्होंने कहा कि एक ऐसे देश के तौर पर जो कच्चे तेल के आयात पर काफी हद तक निर्भर है, टिकाऊ और घरेलू ऊर्जा समाधानों के जरिये ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाना ही आगे का रास्ता है। भारत पेट्रोलियम कई सेक्टरों में पर्यावरण अनुकूल ईंधन की पहल को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहा है। उल्लेखनीय है कि भारत ने साल 2030 तक पांच प्रतिशत हरित ईंधन के इस्तेमाल का लक्ष्य रखा है।
