
जबलपुर। सूदखोरों के मकड़जाल में कारोबारी फंस गया। मां की बीमारी और भाई की शादी के लिए कर्ज लेना उसे भारी पड़ गया। वह 12 सूदखोरों के जाल में ऐसा फंस गया कि 33 लाख से ज्यादा की रकम ब्याज में चुकाने के बाद भी पीड़ित का मकान बिक गया और अब उसे जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। गढ़ा पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर 12 नामजद सूदखोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक मदनमहल की भारत कॉलोनी निवासी संतोष कुनबी (47) ने बताया कि साल 2002 में उनकी मां की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। उसी दौरान छोटे भाई की शादी और व्यापार में भारी घाटा होने के कारण वे आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। पीड़ित की इसी बेबसी का फायदा उठाकर शहर के संगठित सूदखोरों ने घेर लिया। पीड़ित का आरोप है कि ये सभी आरोपी आपस में मिले हुए हैं। जब वह एक सूदखोर का ब्याज चुकाने में असमर्थ होता, तो वे मिलीभगत करके उसे दूसरे सूदखोर से और ज्यादा ऊंचे ब्याज पर पैसा दिला देते थे। शिकायत के मुताबिक, संतोष ने अपनी जमीन-जायदाद और घर बेचकर अब तक कुल 33,35,900 चुका दिए हैं, लेकिन सूदखोरों का पेट नहीं भरा। वह अब भी पीड़ित से 29, 95, 000 और मकान की अवैध मांग कर रहे हैं। सूदखोरों के इस अवैध नेटवर्क ने पीड़ित को हर तरफ से लूटा है। गोरखपुर निवासी सचिन चौकसे ने पीड़ित को 15 लाख रुपये 3 प्रतिशत ब्याज पर दिए थे, जिसके एवज में वह 20 लाख 21 हजार वसूल चुका है और अब धोखे से मकान का रजिस्टर्ड बिक्रीनामा कराकर 2 लाख रुपये की और मांग कर रहा है। बेदीनगर के आशू नेल्सन ने 6 लाख रुपये उधार देकर 9 लाख 65 हजार हड़प लिए और अब भी 6 लाख रुपये मूल व 8 महीने का ब्याज मांग रहा है। इंद्रा बस्ती के पिंटू ने 2.5 लाख रुपये देकर 2 लाख 81 हजार वसूले और अब 4 लाख 80 हजार की भारी-भरकम रकम की अतिरिक्त मांग कर रहा है। कृपाल चौक के अंकुर डाबर ने 80 हजार रुपये के बदले 2 लाख 40 हजार वसूलने के बाद भी 70 हजार की नई डिमांड खड़ी कर दी है। इसी तरह, ग्राम सुखा निवासी अनिल पटेल ने 5 लाख रुपये देकर सिर्फ ब्याज के रूप में 3 लाख 61 हजार वसूल लिए हैं और अब पूरे 5 लाख रुपये मूलधन की मांग पर अड़ा है। शक्ति नगर के उमेश पटेल ने 1.75 लाख रुपये देकर 1 लाख 68 हजार सिर्फ ब्याज के वसूले और अब 3.5 लाख मांग रहा है।
मदनमहल के रितेश श्रीवास्तव ने 90 हजार रुपये देकर 1 लाख 30 हजार ऐंठ लिए और अब 1.55 लाख व 5 महीने का ब्याज मांग रहा है। अजय महोबिया ने 50 हजार रुपये दिए थे, जिसमें से पीड़ित ने 20 हजार मूल वापस कर दिया, लेकिन बाकी बचे 30 हजार के बदले आरोपी 91 हजार ब्याज वसूल चुका है और अब भी 1.98 लाख की मांग कर रहा है। छोटे कर्जों में भी सूदखोरों ने कोई रहम नहीं दिखाया। गुप्तेश्वर की सच्ची अरोरा ने 30 हजार रुपये देकर 42 हजार वसूले और अब 42 हजार और मांग रही है। गढ़ा के रंजीत पटेल ने 1 लाख रुपये दिए थे, जिसमें से पीड़ित 83,500 दे चुका है, लेकिन आरोपी अब 1 लाख रुपये और 6 महीने का ब्याज मांग रहा है। गुप्तेश्वर के श्रेयांश सोनी ने 20 हजार रुपये देकर 14,400 ब्याज वसूला और अब पूरे 20 हजार रुपये मूलधन मांग रहे हैं। वहीं बदनपुर के रतन ने 20 हजार रुपये उधार देकर 24,000 वसूल लिए हैं और अब 20 हजार मूल व 8 महीने का ब्याज और मांग कर पीड़ित को प्रताड़ित कर रहा है।
