मुंबई, भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को कमजोर वैश्विक रुझानों और चौतरफा बिकवाली के बीच भारी गिरावट के साथ कारोबार दर्ज किया। शुरुआती सत्र में ही प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 533 अंकों की भारी गिरावट के साथ 75,044 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी भी 135 अंक फिसलकर 23,498 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार पर यह दबाव मुख्य रूप से आईटी, सर्विसेज, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों में बिकवाली के कारण बना, जिससे अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और आईपीओ बाजार में लिक्विडिटी का खिंचाव बने मुख्य कारण
बाजार के जानकारों के मुताबिक, इस गिरावट के पीछे दो मुख्य वजहें सक्रिय हैं। एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतें लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं, तो दूसरी तरफ तेजी से बढ़ते आईपीओ बाजार और आकर्षक लिस्टिंग गेन (औसत 22 प्रतिशत) के कारण सेकेंडरी मार्केट से लिक्विडिटी तेजी से आईपीओ की ओर शिफ्ट हो रही है, जिससे निवेशकों का रुझान बदला है।
फार्मा और मेटल शेयरों में सीमित खरीदारी, एशियाई व अमेरिकी बाजारों में मिला-जुला रुख
एक तरफ जहां एचसीएल टेक, इंफोसिस, टीसीएस और एचडीएफसी बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई, वहीं दूसरी तरफ एलएंडटी, एनटीपीसी, सन फार्मा, टाटा स्टील और पावर ग्रिड जैसे शेयरों में सीमित खरीदारी का समर्थन भी देखने को मिला। इसके अलावा, एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख और अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र की कमजोरी ने भी भारतीय निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया, जबकि एफआईआई द्वारा लगातार बिकवाली का दौर भी जारी रहा।

