नेपाल के नुवाकोट जिले के गेरखुटार में ग्लेशियर टूटने और भीषण बाढ़ से मची भारी तबाही के बीच एक छात्र बिनेश तमांग की दर्दनाक कहानी सामने आई है

नुवाकोट,  नेपाल में 26 अगस्त को आए भीषण जलप्रलय ने नुवाकोट और रसुवा क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है, जहां त्रिशूली नदी के किनारे स्थित गेरखुटार इलाके में कक्षा 9वीं का छात्र बिनेश तमांग अपनी उजड़ी हुई जिंदगी के बीच अकेला खड़ा नजर आया। बाढ़ के इस भयंकर तांडव में बिनेश के पिता रमेश तमांग, जो कि यात्री बस चलाते थे, अपनी गाड़ी समेत उफनती नदी में बह गए और बाद में उनका शव बरामद हुआ। इस आपदा ने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य को छीन लिया है, जिससे अब युवा बिनेश पर अपनी मां और छोटे भाई-बहनों की जिम्मेदारी आ गई है।

खाना पकाने के लिए लकड़ियां इकट्ठा कर रहा है छात्र, कुकिंग गैस और बिजली की हुई भारी कमी

भयंकर बाढ़ के कारण पूरे इलाके में बिजली और कुकिंग गैस की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो चुकी है, जिसके चलते मजबूरन बिनेश को उन जगहों से लकड़ी के लट्ठे जमा करने पड़ रहे हैं जहां कभी उसका घर और पासांग-ल्हामू हाईवे हुआ करता था। स्थानीय चश्मदीदों और छात्रों के अनुसार, बाढ़ का पानी इतनी तेजी से आया कि किसी को भी संभलने का मौका नहीं मिला और कई वाहन तथा लोग देखते ही देखते मलबे में समा गए।

हजारों लोगों की मौत और लापता होने की आशंका, राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण का राहत अभियान जारी

नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, इस दिल दहला देने वाली प्राकृतिक आपदा में अब तक 1,356 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 5,000 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। सेना, पुलिस और विभिन्न सुरक्षा बल रसुवा, नुवाकोट तथा धाडिंग जिलों में लगातार खोजबीन और बचाव अभियान चला रहे हैं, जबकि प्रभावित इलाकों के लोग इस भयंकर तबाही के जख्मों से उबरने की जद्दोजहद में जुटे हैं।

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