नई दिल्ली, चेक बाउंस के कई मामलों में सजा का सामना कर रहे बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा राजपाल यादव को शीर्ष अदालत से राहत मिली है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष इस मामले की सुनवाई हुई, जहां कोर्ट ने निर्देश दिया कि यदि याचिकाकर्ता बुधवार तक सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपये जमा कर देते हैं, तो उन्हें फिलहाल सरेंडर करने से छूट दी जाएगी। इस मामले में अगली सुनवाई अब 15 सितंबर 2026 को तय की गई है।
दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को दी गई है चुनौती, सातों मामलों में सुनाई गई थी तीन महीने की जेल
यह कानूनी विवाद दिल्ली उच्च न्यायालय के उस जुलाई के आदेश से जुड़ा है, जिसमें अदालत ने सात चेक बाउंस मामलों में राजपाल यादव की सजा को बरकरार रखते हुए हर मामले में तीन महीने की साधारण जेल की सजा सुनाई थी। हालांकि हाईकोर्ट ने सजा को कुछ समय के लिए सस्पेंड करते हुए उन्हें सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का मौका दिया था, साथ ही शिकायतकर्ता को भारी-भरकम मुआवजा और जुर्माना देने का भी निर्देश जारी किया था।
पूर्व में दिए जा चुके हैं 2.25 करोड़ रुपये, शेष राशि और मुआवजे पर अदालत की नजर
कानूनी दस्तावेजों और उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, इस पूरी कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को पहले ही 2.25 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जिसे कुल शेष राशि और मुआवजे की अंतिम गणना करते समय समायोजित किए जाने का प्रावधान है। अब सुप्रीम कोर्ट के इस नए अंतरिम आदेश और 5 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त के बाद अभिनेता और उनके परिवार को कानूनी मोर्चे पर थोड़ी राहत मिलती नजर आ रही है।

